मध्यप्रदेश के लिये निश्चित ही बहुत बड़ी उपलब्धि है कि वह आज देश में सर्वाधिक गेहूं उत्पादन करने वाला देश बन गया है. कुछ वर्षों पूर्व तक वह गेहूं उत्पादन में चौथे नंबर पर था. उससे ऊपर तीसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश, दूसरे स्थान पर हरियाणा और पंजाब एक नंबर पर देश का सबसे अग्रणी राज्य था और अब प्रथम स्थान पर मध्यप्रदेश है. राज्य गेहूं उत्पादन में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है.

वर्ष 2004-05 में भी राज्य का गेहूं उत्पादन 74 लाख मीट्रिक टन था जो 2016-17 में बढक़र 220 मीट्रिक टन हो गया. प्रति हेक्टेयर गेहूं उत्पादन भी इसी अनुपात में बढ़ा है. वर्ष 2004-05 में यह 19 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढक़र 2016-17 में 35 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया है. मध्यप्रदेश का शरबती गेहूं पूरे देश के साथ विश्व में अपनी पहचान व मांग बना चुका है.

मध्यप्रदेश कृषि में देश का ऐसा राज्य है जिसे पिछले पांच सालों से लगातार केंद्र सरकार का कृषि कर्मण पुरस्कार दिया गया है. वर्ष 2015-16 में दिया गया पांचवा पुरस्कार है जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को प्रदान किया. जिसमें प्रशस्ति पत्र के साथ में 2 करोड़ रुपये दिये गये है. सर्वप्रथम यह पुरस्कार 2011-12 से लगातार अभी तक सर्वाधिक गेहूं उत्पादन के लिये दिया जा रहा है.

मध्यप्रदेश में कृषि विकास दर भी देश में सर्वाधिक है. यह पिछले पांच सालों में 18 प्रतिशत रही. कृषि उन्नति में सिंचाई का योगदान भी बढ़ाया गया है. वर्ष 2004-05 में लगभग 8 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी वह सिंचाई क्षेत्र अब 2016-17 में बढक़र 40 लाख हेक्टेयर हो गया है. मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसके हर विकासखंड में मृदा परीक्षण (मिट्टी की जांच) की प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है.

Related Posts: