3 टीआई सहित 5 पुलिसकर्मी निलंबित, सीएसपी पीएचक्यू अटैच

भोपाल, नवभारत संवाददाता. स्थापना दिवस के एक दिन पूर्व हबीबगंज स्टेशन के पास कोचिंग से लौट रही छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना से समूचे प्रदेश में सनसनी फैल गई है.

इस मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामले की जांच एसआईटी को सौंपी है. साथ ही मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में किए जाने की बात कही है.

उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में घटना की जानकारी ली और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर निर्देश दिए, जिसके बाद हबीबगंज थाना प्रभारी रविंद्र यादव, एमपी नगर थाना प्रभारी संजय सिंह तथा जीआरपी थाना प्रभारी मोहित सक्सैना, एसआई जीआरपी भवानी प्रसाद उईके को निलंबित कर दिया गया है,

जबकि एमपी नगर थाने का एक एसआई रामनाथ टेकाम गुरूवार को ही निलंबित कर दिया गया था. इसके साथ ही सीएसपी एमपी नगर को पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया है.

गौरतलब है कि 31 अक्टूबर की शाम 7.30 बजे के करीब 19 वर्षीय छात्रा एमपी नगर से कोचिंग पढ़कर घर जा रही थी, तभी आरपीएफ थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर चार नशेडिय़ों ने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया.

छात्रा का गला दबाकर मारने की कोशिश की. इसके बाद आरोपियों ने मरा हुआ समझ कर वहीं छोड़ दिया और इसके बाद पार्टी की और वहां से भाग गए. पकड़े गए आरोपी कबाड़ा बीनने का काम करते हैं. 

होश में आने पर पीडि़ता जीआरपी थाने पहुंचे, जहां से उसके सीमा क्षेत्र की बात कहकर चलता कर दिया, इसके बाद सुबह के समय छात्रा परिजनों के साथ एमपी नगर पहुंची जहां भी उसे तीन घंटे तक बैठाए रखा, और फिर हबीबगंज थाने भेज दिया गया, जहां पुलिस ने जीरो पर कायमी कर केस डायरी जीआरपी को भेज दी.

पीडि़ता की रिपोर्ट दर्ज करने में पुलिस ने 24 घंटे से अधिक का समय तब लगा दिया था, जब उन्हें इस बात की जानकारी थी कि पीडि़ता के माता पिता पुलिस में पदस्थ हैं. गैंगरेप के तीन आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार शाम मजिस्ट्रेट शालू सिरोही की कोर्ट में पेश किया, जहां से दो आरोपियों को जेल भेज दिया, जबकि तीसरे को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है.

आरोपियों के साथ मारपीट की संभावना को देखते हुए कोर्ट में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. मामले की जांच कर रहे आईजी रेल डीपी गुप्ता ने भोपाल एसआरपी अनिता मालवीय के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी है. आरोपियों के नाम गोलू चढ़ार, अमर धुन्टू, राजेश और रमेश हैं.

पुलिस ने एक निर्दोष को पकड़ा

पुलिस द्वारा पकड़े गए कथित चौथे आरोपी राजेश राजपूत का इस मामले से कोई लेना देना सामने नहीं आया है. राजेश की गिरफ्तारी के बाद से ही उसकी पत्नी दुर्गा राजपूत और पूरा परिवार जीआरपी थाने पर सुबह से मौजूद था.

वहीं पुलिस ने इस कथित आरोपी की पीडि़ता से शिनाख्त कराई, जिस पर उसने पहचानने से इंकार कर दिया. बताया जा रहा है कि घटना की रात राजेश एक नेता को लेकर नलखेड़ा गया था, जहां से वह रात 1.30 बजे भोपाल आया. टॉल टेक्स बैरियर के सीसीटीवी कैमरे में भी वाहन कैद हुआ है.


गैंगरेप के तीन आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार शाम मजिस्ट्रेट शालू सिरोही की कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. आरोपियों के साथ मारपीट की संभावना को देखते हुए कोर्ट में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था.

मामले की जांच कर रहे आईजी रेल डीपी गुप्ता ने भोपाल एसआरपी अनिता मालवीय के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी है. आरोपियों के नाम गोलू चढ़ार, अमर धुन्टू, राजेश और रमेश हैं. इस मामले में एसआईटी का गठन भी कर दिया गया है.


राज्य महिला आयोग ने लिया संज्ञान

इस घटना पर राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने मामले की जानकारी तलब की है. उन्होंने कहा कि ये बहुत ही गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण मामला है. उन्होंने कहा कि मामले में लापरवाही के लिए जो भी जिम्मेदार है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

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