नवभारत न्यूज
भोपाल,

गैस त्रासदी की 3 दिसंबर को 33वीं बरसी होगी पर इन 33 वर्षों में गैस पीडि़तों को न तो न्यायोचित मुआवजा मिला है न ही उनके समुचित इलाज की व्यवस्था हुई है न ही आर्थिक पुनर्वास पर कुछ हुआ है.

यूनियन कार्बाइड तथा सोलर वाष्पीकरण पाउंड में एकत्र लगभग दो हजार मीट्रिक टन जहरीले रसायन का निष्पादन भी नहीं हो पाया है. गंभीर गैस पीडि़तों व गैस विधवाओं को आजीविका पेंशन की व्यवस्था राज्य सरकार नहीं कर पाई है और भोपाल मेमोरियल निर्माण की शुरूआत भी नहीं हो पाई है.

भोपाल गैस पीडि़त महिला उद्योग संगठन के संयोजक अब्दुल जब्बार एवं संगठन से जुड़ें लोगों ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये बताया कि गैस पीडि़तों की परेशानियों, उनके साथ हो रहे अन्याय को लेकर राज्य एवं केंद्र सरकारों से अपनी मांगें रखी गईं हैं साथ ही बताया कि 3 दिसंबर को यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क में दोपहर 12 बजे से गैस त्रासदी के 33वीं बरसी पर कार्यक्रम रखा गया है.

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