modi2महू,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दुख जताते हुए कहा कि देश की आजादी के छह दशक के बाद भी ग्रामीण इलाकों में जो सकारात्मक बदलाव आने चाहिए थे, वे दिखायी नहीं दे रहे हैं. इसलिए मौजूदा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है.

मोदी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती के मौके पर उनके जन्मस्थल महू में आयोजित समारोह को संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने ग्रामोदय से भारत उदय अभियान की शुरूआत करते हुए कहा कि कुछ दर्जन बड़े शहरों और बड़े उद्योगों के विकास से पूरे देश का विकास संभव नहीं है. देश का विकास सच्चे अर्थों में करना है तो गांव की नींव मजबूत करना होगी और इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बजट को पूरी तरह से गांव और किसानों को समर्पित कर दिया है.

प्रधानमंत्री ने विकास के सभी स्त्रोतों को गांवों की ओर मोडे जाने पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अब भी भयावह है. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि आज भी लगभग 18 हजार गांवों में बिजली नहीं पहुंच पायी है. अब इन गांवों में एक हजार दिनों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखकर काम किया जा रहा है.

पीएम ने कहा कि डिजिटल नेटवर्क से सिर्फ शहरों या नगरों को नहीं, बल्कि गांवों को भी जोडऩा है. ग्रामीणों के हाथों में भी मोबाइल फोन के जरिए पूरी दुनिया मु_ी में होनी चाहिए. उन्होंने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि इस दिशा में भी काम शुरू हो गए हैं.

लगभग 40 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अब तक देश के लगभग 25 करोड़ परिवारों में से एक करोड़ परिवारों को गैस कनेक्शन मुहैया करा चुकी है और आने वाले तीन वर्षों में पांच करोड़ परिवारों को गैस कनेक्शन मुहैया कराने का लक्ष्य है. मोदी ने अपने भाषण के अन्त में ‘जय भीम’ का उदघोष किया और नारे लगाए.

 

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