20vd-20विदिशा, 20 अगस्त न.स.से. विकेन्द्रीकृत नियोजन के तहत अब ग्राम और नगर के वार्डो में आवश्यकतानुसार कार्यों को शािमल करने के लिए अलग-अलग कार्य योजना तैयार की जाएगी। उक्त कार्ययोजना क्रियान्वयन करने वाले के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण जालोरी गार्डन में गुरूवार को आयोजित किया गया था जिसमें कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

कलेक्टर एमबी ओझा ने विकेन्द्रीकृत नियोजन को क्रियान्वित कराने वाले जनपदों एवं निकायों के सीईओ से कहा कि वित्तीय वर्ष के लिए कार्य योजना तैयार करने के पूर्व प्रत्येक ग्राम में भ्रमण कर निर्धारित प्रपत्र में जानकारियां संकलित की जाए जिसमें स्थानीय रहवासियों की सहभागिता और उनकी प्राथमिकताओं का वरीयता क्रम निर्धारित किया जाए।

ग्रामवार दृष्टिपत्र होगा तैयार- कलेक्टर श्री ओझा ने मास्टर टे्रनर्सो से कहा कि सावधानीपूर्वक प्रपत्रों में जानकारियां संकलित की जाए। संकलित कर ग्रामवार दृष्टि पत्र तैयार किया जाए। उक्त कार्य के लिए ग्राम स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और वाटर शेड के ग्राम स्तरीय अमले और पंचायतों के सचिवो को जबावदेंही सौंपी गई है।

जिला योजना अधिकारी प्रशांत मिश्रा ने बताया कि राज्य योजना आयोग के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश राज्य में विकेन्द्रीकृत नियोजन प्रणाली के माध्यम से समेकित जिला योजना तैयार करने का कार्य विगत तीन वर्षों से किया जा रहा है।
विकेन्द्रीकृत नियोजन के माध्यम से समुदाय की मांग के अनुरूप ग्राम, वार्ड स्तर से योजना तैयार कर जिलो की योजना को एकजाई करते हुए भारत सरकार से विभिन्न सेक्टर में बजट की मांग की जाती है। इस प्रणाली से योजना तैयार करने हेतु मप्र सरकार की सराहना भारत सरकार नीति आयोग द्वारा की गई है।

वर्ष 2016-17 की योजना तैयार करने हेतु विकेन्द्रीकृत नियोजन के विभिन्न पहलुओं के संबंध में तथा तकनीकी मार्गदर्शन आज जनपदों एवं नगरीय निकायों के अधिकारियों को दिया गया है इसके अलावा प्रत्येक निकाय एवं जनपद से पांच-पांच मास्टर टे्रनर्स भी उपस्थित थे। उन्हें नियोजन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। द्वारा प्रक्रियासाथ ही बतलाया गया कि जनपद एवं निकाय स्तर पर समेकन एवं जिला पंचायत तदोपरांत जिला योजना समिति के अनुमोदन उपरांत राज्य योजना आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

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