Working dinner of the G7 Summit in Germanyबर्लिन, 8 जून. विश्व के प्रमुख औद्योगिक देशों के समूह ग्रुप-सात के देश इस इस राय के हैं कि जब तक यूक्रेन के रूस समर्थक पृतकतावादी युद्ध विराम समझौते को पूरी तरह लागू नहीं करते, रूस के विरूद्ध लगे प्रतिबंध जारी रहने चाहिए.
ग्रुप-सात के देशों ने दक्षिणी जर्मनी के अल्पाइन होटल में आयोजित शिखर सम्मेलन में यूक्रेन की समस्या पर कल विचार किया. शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले नेता इस राय के थे कि रूस तथा यू्क्रेन को 12 फरवरी को बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में स्वीकार किये गये युद्धविराम समझौते को लागू करना चाहिए.

इस समझौते के अनुसार पूर्वी यूक्रेन के रूस समर्थक पृतकतावादियों और सरकारी सैनिकों के बीच लड़ाई बंद करने की व्यवस्था की गयी थी.
यूरोपीय यूनियन के नेता मार्च में इस राय के थे कि क्रीमिया पर कब्जे को लेकर रूस पर लगाया गया प्रतिबंध मिन्स्क समझौते को पूरी तरह लागू किए जाने तक कायम रहना चाहिए. अब इन नेताओं की राय है कि इसे दिसम्बर तक बढ़ाया जाना चाहिए.

शिखर सम्मेलन ने अभी इस पर निर्णय नहीं किया है. जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल भी इस राय की हैं प्रतिबंध में ढिलाई यूक्रेन में रूस के व्यवहार पर निर्भर करता है.

सम्मेलन में आतंकवाद तथा जलवायु परिवर्तन पर भी विचार किया जा रहा है. सम्मेलन शुरू होने से पहले एंजेला मर्केल ने अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से अलग से बातचीत की.

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