नई दिल्ली.  इंटरनेशनल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने साल 2016- 2017 में भारत की ग्रोथ 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।

मूडीज का कहना है कि भारतीय इकोनॉमी ग्लोबल फैक्टर्स का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा कमोडिटीज के कम दामों का फायदा भी इकोनॉमी को मिलेगा। हालांकि महंगाई को मोर्चे पर थोड़ी चिंता हो सकती है। मूडीज के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस साल महंगाई बढ़ सकती है। मूडीज के मुताबिक 2017 की शुरुआत में भारत में महंगाई दर आरबीआई के 5 फीसदी के लक्ष्य तक वापस आ सकती है। ग्लोबल ग्रोथ पर मूडीज का अनुमान है कि अगले 2 साल में ग्लोबल ग्रोथ में तेज रिकवरी की उम्मीद नहीं है।

चीन की मंदी, कमोडिटी की घटती कीमतों का ग्लोबल इकोनॉमी पर असर होगा। मूडीज के मुताबिक 2016 में चीन की जीडीपी ग्रोथ 6.3 फीसदी और 2017 में 6.1 फीसदी रहने का अनुमान है। मूडीज ने ब्राजील, रूस, सऊदी अरब का जीडीपी ग्रोथ अनुमान घटा दिया है। मूडीज ने दक्षिण अफ्रीका का जीडीपी ग्रोथ अनुमान भी घटाया है। मूडीज का कहना है कि 2016 में अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ 2.3 फीसदी और 2017 में 2.5 फीसदी रहने का अनुमान है। मूडीज के मुताबिक यूएस फेड धीरे-धीरे दरें बढ़ाता रहेगा। मूडीज ने ईयू के जीडीपी ग्रोथ अनुमान में बदलाव नहीं किया है। मूडीज के मुताबिक 2016-17 में ईयू के जीडीपी ग्रोथ 1.5 फीसदी पर बरकरार रहेगी। वहीं 2016-2017 में जापान की जीडीपी ग्रोथ 1 फीसदी से कम रहने का अनुमान है।

Related Posts: