gwaliorग्वालियर,  तत्कालीन मध्यभारत राज्य की राजधानी रह चुके ग्वालियर ने मध्यप्रदेश के गठन के समय राजधानी बनने के लिए दावा किया था लेकिन इंदौर की भी प्रबल दावेदारी होने से तीसरे विकल्प के रूप में भोपाल को नए राज्य की राजधानी के लिए चुना गया.

उस वक्त ग्वालियर से तत्कालीन राष्टï्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व ने जो चहुंमुखी विकास संबंधी वादे किए थे, जो अडसठ वर्षों में भी पूरे नहीं हुए हैं, हालांकि ग्वालियर ने अपने दम पर विकास के तमाम पायदान चढ़े हैं लेकिन यह सच्चाई है कि इस शहर को अभी तक उसका वाजिब हक नहीं मिला है. यही वजह है कि इंदौर और भोपाल जैसे शहर तो विकास की दौड़ में आगे निकल गए लेकिन ग्वालियर पिछड़ता दिख रहा है.

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