DSCF0006भोपाल, 20 अप्रैल,नभासं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को अफसरों के सामने अलग अंदाज में दिखाई दिए उन्होंने नसीहत के लहजे में कहा कि वे यानि अफसर जनता के सेवक होते हैं. अगर वह सेवाभाव के संग काम करेंगे, तो जनता-जनार्दन का भला होगा. अगर वे खुद के अंदर घमंड लाते हैं तो फिर उनमें सेवा भाव की भावना जागृत नहीं हो पाएगी.

वह समन्वय भवन में सिविल सर्विस दिवस समारोह के लिए आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, अधिकारियों को किसी बंधन में बंधकर नहीं रहना चाहिए वे किसी धारा में बह कर काम नहीं करें. वे अगर बहेंगे तो फिर न तो उनका ही भला होगा और न ही जनता का. इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने जिस ढंग से काम करते हुए देश को नई ऊंचाइयां दी हैं, उससे हमें देश को और आगे लेकर जाना है.

एैसे आई लाड़ली लक्ष्मी
उन्होंने खुलासा किया कि जब मैंने कन्यादान और लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाओं का खाका बनाने अफसरों से कहा तो उन्होंने पहले टाल-मटोल की. लेकिन जब मैनें एहसास कराया कि मैं अब सीएम हूं, जो कहूंगा, वो करना होगा तब जाकर काम बना.

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