नई दिल्ली,   नीति आयोग ने घाटे में चल रही कुछ सरकारी कंपनियों को बंद करने की सिफारिश की है।

पीएमओ को सौंपी एक रिपोर्ट में नीति आयोग ने सरकारी कंपनियों को तीन वर्गों में बांटा है। पहले वर्ग में वो कंपनियां हैं जिन्हें बंद करने की सिफारिश की गई है। इन कंपनियों में काम कर रहे कर्मचारियों को वीआरएस देने की सिफारिश की गई है। साथ ही इनकी जमीन इमारत वगैरह बोचने की सलाह दी गई है। एचएमटी और आईटीआई जैसी दूसरे वर्ग की कंपनियों को मुनाफे में लाने की कोशिश करने की बात कही गई है। इनमें मैनेजमेंट चेंज की सलाह दी गई है।

तीसरे वर्ग में सोशल सेक्टर की कंपनियां हैं जिन्हें बनाए रखने की सिफारिश है।
इस मामले में 1-2 महीने में फैसला आ सकता है। इस रिपोर्ट में सिर्फ सिफारिश नही पूरा एक्शन प्लान दिया गया है जिसमें हर पीएसयू की समीक्षा की गई है। सरकार ने पीएसयू के लिए 3 कटेगरी बनाई है। इस रिपोर्ट में सारे पीएसयू बैंक जो घोटे में है वो उन्हें बंद करने की सिफारिश की गई है।

इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया ऐसे पीएसयू जिनका घाटा कम हो रहा है उनको सरकारी मदद मिलनी चाहिए लेकिन समाजिक कल्याण के लिए जो पीएसयू बैंक काम करते है उनको न बंद किया जाए।