बैंक को लगाया था 30 लाख रुपए का चूना

नवभारत न्यूज भोपाल,

स्टेट बैंक आफ मैसूर की भोपाल शाखा में वर्ष 2006 -2009 के दौरान हुए करीब 30 लाख रुपए के ऋण घोटाले के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने तत्कालीन बैंक मैनेजर एएस हेगड़े और तत्कालीन असिस्टेंट मैनेजर रविन्द्र कुमार सहित तनुश्री बिल्डर्स का प्रोपरायटर रवि साहू और राजकुमार राय को दोषी ठहराते हुए तीन- तीन वर्ष के सश्रम कारावास और चार लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है.

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रवीन्द्र कुमार भद्रसेन ने यह फैसला मंगलवार को सुनाया है. मामले के अनुसार अभियुक्त एएस हेगड़े स्टेट बैंक आफ मैसूर की भोपाल शाखा में 2006 से लेकर 2009 की अवधि के बीच में ब्रांच मैनेजर के पद पर पदस्थ था.

इसी दौरान आरोपी ने तत्कालीन असिस्टेंट मैनेजर रविन्द्र कुमार सहित बिल्डर राजकुमार राय और रवि साहू के साथ मिलकर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कर 9 लाख रुपए का हाउसिंग लोन स्वीकृत कराकर बैंक के साथ छल किया था.

बैंक से शिकायत मिलने पर सीबीआई ने मामले की जांच की थी तब यह मामला उजागर हुआ था.सीबीआई को जांच में पता चला था कि आरोपी राजकुमार राय वास्तविक रूप से बिल्डर था तथा आरोपी रवि साहू उसका कर्मचारी था जो कि बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम देखता था .

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