नयी दिल्ली,

भारत का कोरिया के चांगवान में चल रहे वर्ष के दूसरे आईएसएसएफ निशानेबाजी विश्वकप के चाैथे दिन गुरूवार को हाथ खाली रहा और अपने खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद वह 10वें नंबर पर है। टूर्नामेंट में अब तक एकमात्र पदक शहज़ार रिज़वी ने जीता है।

अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ के विश्वकप राइफल /पिस्टल /शॉटगन के दूसरे चरण में भारत ने कल एकमात्र पदक जीतकर अपना खाता खोला था। विश्व रिकार्डधारी शहज़ार ने पुरूषों के 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक से चांगवान में पदक सूखा समाप्त किया। फिलहाल विश्वकप में पांच और फाइनल होने हैं।

विश्वकप के चौथे दिन बुधवार को भारतीय निशानेबाज़ों में कोई भी खिलाड़ी तीन पदकों के लिये हुये फाइनल में ही प्रवेश नहीं कर सका। महिलाआें की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता हीना सिद्धू 574 के स्कोर के साथ 14वें नंबर पर रह गयीं।

महिता तुरही अग्रवाल और राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण विजेता मनु भाकर ने एकसमान 571 का स्कोर किया और 27वें और 30वें नंबर पर रहीं। बेलारूस की विक्टोरिया चाइका विजयी रहीं। पुरूषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में क्वालिफिकेशन में नीरज कुमार और अनीश भनवाला ने 579 और 578 के स्कोर किये और 13वें तथा 16वें नंबर पर रहे। पूर्व विश्व चैंपियन कोरिया के जुनहोंग किम ने स्पर्धा में अपने देश के लिये पहला स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 50 में से 38 का स्कोर किया।

वहीं मिश्रित ट्रैप स्पर्धा में मानवजीत सिंह संधू और श्रेयसी सिंह की टीम फाइनल क्वालिफिकेशन में जीत के काफी करीब पहुंचे लेकिन 150 में से 139 के स्कोर के बाद फिर 10वें नंबर पर ही रहे। शीर्ष छह टीमों को ही फाइनल में जगह मिलती है। अन्य भारतीय जोड़ी कीनन चेनाई और सीमा तोमर ने 134 का स्कोर किया और 39 टीमों में 21वें नंबर पर रहकर बाहर हो गये।