मुंबई.  उत्पादन के ताजा रुझानों के मुताबिक इस वर्ष भारत में चाय उत्पादन कम होने की आशंका है. पांच वर्षों के अंतराल के बाद चाय के उत्पादन में गिरावट आई है. यूनाइटेड प्लांटर्स एसोसिएशन ऑफ सदर्न इंडिया (यूपीएएसआई) द्वारा पेश आंकड़ों के मुताबिक उत्पादन में 0.07 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इस गिरावट की मुख्य वजह दक्षिण भारत में चाय की बुआई में आई कमी है. ताजा रिपोर्टों के मुताबिक ध्यान देने की बात है कि उत्तर पूर्व क्षेत्र में भी खराब मौसम की वजह से चाय का उत्पादन प्रभावित हुआ है.

अनुमानों के मुताबिक दक्षिण भारत में अप्रैल-जुलाई के दौरान 28 लाख किग्रा की गिरावट दर्ज की गई. इस तरह पिछले साल के मुकाबले उत्पादन करीब 2 फीसदी कम रहा. जबकि उत्तरी क्षेत्र में चाय का उत्पादन 66 लाख किग्रा बढ़ गया. पिछले साल के मुकाबले इस क्षेत्र में चाय के उत्पादन में करीब 0.69 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली जिससे देश के दक्षिणी हिस्से में उत्पादन में हुए नुकसान की भरपाई हो गई. दिलचस्प बात यह है कि पांच वर्षों के अंतराल के बाद चाय के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई. वर्ष 2010 के दौरान देश में चाय का उत्पादन 15.45 फीसदी बढ़ा था और आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल चाय उत्पादन में करीब आधे फीसदी की तेजी देखने को मिली थी.

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