bramhosभारत ने सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम ब्रह्मोस वियतनाम को बेचने की कोशिशें तेज कर दी हैं. इसके अलावा 15 और बाज़ारों पर भी भारत की नजर है. विशेषज्ञों का कहना है कि नई दिल्ली की यह योजना सैन्य क्षेत्र में बढ़ रही चीन की मुखरता पर उसकी चिंता को जाहिर करता है. ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस ने मिलकर बनाया है. इसे बेचने की कवायद को रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.

माना जा रहा है कि सैन्य हथियारों का सबसे बड़ा आयतक, भारत नए रक्षा साझेदार ढूंढने के साथ साथ राजस्व बढ़ाने पर भी जोर दे रहा है. परमाणु हथियार कार्यक्रम के चलते दशकों तक अंतरराष्ट्रीय अलगाव के बाद भारत निर्यात पर ध्यान लगाने की नीति अपना पाया है. पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ताजा मुलाकात के बाद भारत मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल सिस्टम में भी शामिल हुआ है. अमेरिकी विदेश नीति समिति के एशिया रक्षा कार्यक्रम के निदेशक जेफएम स्मिथ का कहना है कि भारत के नीति निर्माताओं को लंबे समय तक इस बात की आशंका रही है कि अमेरिका या हनोई से किसी प्रकार का रक्षा सहयोग कहीं चीन की ओर से कोई आक्रमक या अनचाही प्रतिक्रिया की वजह न बन जाए. हालांकि अब भारत अपने रुख को बदल रहा है.

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