नयी दिल्ली,  चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल को लेकर विवाद को देखते हुए इस मुद्दे पर 12 मई को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है, सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों हुए विधानसभा चुनाव एवं दिल्ली नगर निगम के चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल में गड़बड़ी के आरोपों के मद्देनज़र आयोग ने यह बैठक बुलाने का फैसला किया हैं।

इस बैठक में राष्ट्रीय राजनीतिक दल और मान्यताप्राप्त राज्यस्तरीय पार्टियां भाग लेंगी। गौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी ने कहा था कि चुनाव आयोग इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाएगा। उत्तर प्रदेश विधानसभा और पंजाब विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ईवीएम में भारी गड़बड़ी की शिकायतें करते हुए बैलेट पेपर से चुनाव करने की मांग की थी।

कांग्रेस ने इस मामले में जांच करने की मांग की थी। इसके बाद पूरे देश में ईवीएम को लेकर राष्ट्रीय बहस छिड़ गयी। तब आयोग ने स्पष्टीकरण दिया कि ईवीएम मशीनों में किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकती हैं। उसने लोगों को ईवीएम मशीन में छेड़छाड़ को चुनौती भी दी और राजनीतिक दलों के इस आरोप को ख़ारिज भी किया कि ईवीएम में गड़बड़ी की गयी।

चुनाव आयोग ने कहा कि वह सभी मतदान केन्द्रों पर वीवीपैट मशीन लगाने को तैयार है लेकिन केंद्र सरकार इसके लिए आर्थिक मदद तो करे क्योंकि बार-बार स्मरण दिलाने के बाद भी सरकार ने मदद नहीं की लेकिन, अंत में सरकार ने आयोग को वीवीपैट की खरीद के लिए 31 हज़ार 73 करोड़ रुपये कैबिनेट से मंज़ूर किये और चुनाव आयोग ने उन मशीनों की खरीद की प्रक्रिया भी शुरू कर दी।

आयोग कुल 16 लाख 15 हज़ार वीवीपैट मशीनें खरीदेगा। चुनाव आयोग की यह बैठक महत्वपूर्ण होगी इसमें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलावा मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, जनता दल (यू) समाजवादी पार्टी (सपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), राकांपा के अलावा बसपा, तृणमूल कांग्रेस, अन्नाद्रमुक, द्रमुक, शिवसेना आदि के लोग भाग लेंगे।

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