चूहे की मौत के तीन घंटे के बाद दी जान, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

  • सातवीं कक्षा की थी छात्रा

नवभारत न्यूज भोपाल,

पालतू चूहे की मौत से एक छात्रा इतनी आहत हुई कि उसने अपने आप को कमरे में बंद कर लिया और फांसी लगाकर जान दे दी. घटना की जानकारी तब लगी जब काफी समय तक उसकी मां को आवाज नहीं आई.

जब उन्होंने अंदर जाकर देखा तो छात्रा फांसी पर झूल रही थी. सूचना पर पहुंची ने शव को नीचे उतारा और पीएम के लिए भिजवाया. अयोध्या नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है. घटना दोपहर 3 बजे की है.

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक महेंद्र सिंह राठौर मूलत: राजगढ़ जिले के रहने वाले हैं और लंबे समय से सुरभि परिसर अयोध्या बाईपास पर सपरिवार रहते हैं. वे विभिन्न कंपनियों के शहर में लगे टावरों की मेंटेनेंनस का काम करते हैं. उनके दो बेटियां व एक बेटा है. उनकी सबसे बड़ी बेटी दिव्यांशी राठौर उम्र 12 वर्ष सेंट पॉल स्कूल आनंद नगर में पढ़ती थी.

दिव्यांशी एक सफेद चूहा तीन-चार दिन पहले घर लेकर आई थी. शुक्रवार सुबह 11 बजे के करीब चूहे की मौत हो गई, जैसे ही इसकी जानकारी दिव्यांशी को लगी वह जमकर रोई और उसने खाना भी नहीं खाया.
इसके बाद माता-पिता ने उसे समझाया लेकिन वह चुप होने का नाम नहीं ले रही थी.

दोपहर जब उसकी मां घर के बाहर दरवाजे पर बैठी थीं और वह घर पर अकेली थी उसने छत के कुंदे से फांसी का फंदा बनाया और जान दे दी. मां को जानकारी तब लगी वह वे अंदर गईं, पहले तो उन्होंने दरवाजा काफी देर तक खटखटाया, लेकिन जब अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो पड़ोसियों को बुलाया और दरवाजा तोड़कर अंदर गईं तो कमरे में दिव्यांशी फांसी पर झूल रही थी.

बेहद लगाव हो गया था चूहे से

दिव्यांशी को चूहे से बेहद लगाव हो गया था. परिजनों के मुताबिक जब से चूहा उनके घर आया तब से दिव्यांशी घर में अधिकतर समय उसके साथ ही खेलती रहती थी.

इतना ही नहीं स्कूल जाते व आते वह सबसे पहले चूहे को हाथ में लेकर खिलाना शुरू कर देती थी. शुक्रवार सुबह जब चूहे की मौत हो गई तो दिव्यांशी ने उस पर फूल चढ़ाए थे. इस घटना के बाद से छात्रा के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है.

Related Posts: