राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों ने बनाई मानव श्रृंखला

  • हड़ताल का 23वां दिन

नवभारत न्यूज भोपाल,

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल सरकार की चेतावनी भी नहीं रोक पाई. मांगों को लेकर लामबंद कर्मचारियों ने एकता का संदेश देने जहां मानव श्रृंखला बनाई, वहीं सरकार द्वारा काम पर लौटने के लिये दी गई चेतावनी को यह कहते हुये खारिज कर दिया कि जब तक निष्कासित कर्मचारियों की वापसी नहीं होती है, हड़ताल जारी रहेगी.

दरअसल मध्यप्रदेश संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के तत्वावधान में 19 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने अपने दूसरे आदेश में 12 मार्च तक काम पर लौटने का आदेश दिया था. आदेश के तहत 12 मार्च तक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के काम पर न लौटने की स्थिति में सेवा समाप्ति का उल्लेख आदेश में किया गया है.

इस पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कहा कि जब तक नियमितीकरण एवं निष्कासित कर्मचारियों की वापसी नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी. सोमवार को हड़ताल के 22वें दिन पूरे प्रदेश के 51 जिलों में कर्मचारियों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर मानव श्रृंखला बनाकर एकता का प्रदर्शन किया.

दूसरी तरफ राजधानी में हड़ताल कर रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को सोमवार को तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के अरुण द्विवेदी ने अपना पूर्ण समर्थन देते हुये सरकार से मांग की है कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा किया जाये.

मध्यप्रदेश संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष सौरभ सिंह ने बताया कि 15 मार्च से समस्त ढाई लाख संविदा कर्मचारी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल होंगे. राजधानी में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जे.पी. अस्पताल लिंक रोड नंबर-2 पर मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया एवं सरकार से नियमितीकरण की मांग की.

संविदा कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने नारा दिया-अबकी बार आर-या-पार. कांग्रेस जिला अध्यक्ष पी.सी. शर्मा ने सोमवार को जे.पी. अस्पताल जाकर हड़ताली कर्मचारियों को समर्थन दिया.

हड़ताल का पल्स पोलियो अभियान पर बुरा असर

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से पल्स पोलियो अभियान, जो कि 11 से 13 मार्च के बीच चालू है, पर बुरा असर पड़ रहा है. पोलियो की दवा पिलाने के लिये स्टाफ की कमी के चलते विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों से नर्सिंग का कोर्स कर रही छात्राओं को पल्स पोलियो अभियान में लगाया गया है, जो कि अनुभवहीन हैं और उन्हें कार्य अनुभव भी नहीं है.

गौरतलब हो कि पिछले दिनों महिला दिवस पर आयोजित होने वाले महिला स्वास्थ्य शिविर पर भी हड़ताल का असर पड़ा था और आयोजन स्थगित करना पड़ा था. वहीं दूसरी तरफ हड़ताल के कारण सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बुरा असर पड़ा है. जिला एवं ग्रामीण अस्पतालों में स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है.

सीएम को सौंपा ज्ञापन

स्टेनोग्राफर्स संघ के प्रांतीय प्रतिनिधि मंडल द्वारा 10 मार्च शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर शिव चौबे अध्यक्ष खनिज विभाग के सहयोग से प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर वर्ष 1986 से स्टेनोग्राफर्स तथा मंत्रालय में विभागाध्यक्ष कार्यालयों से सम्बद्ध एवं संलग्न वरिष्ठ निज सहायक, निज सहायक एवं शीघ्रलेखकों की समस्याओं एवं व्याप्त वेतन विसंगतियों को समाप्त करने के संबंध में अपना ज्ञापन सौंपा.

चूंकि वर्ष 1986 में उच्च वेतनमान में स्थापित होने के बाद से लगातार यह संवर्ग पिछड़ता रहा तथा अन्य समकक्ष तकनीकी एवं लिपिकीय वर्ग लगातार नियमित पदोन्नति एवं बढ़े हुये वेतनमान प्राप्त कर आगे बढ़ते चले गये. परंतु शीघ्रलेखकों की समस्याएं आज तक जस की तस रहीं.

संघ द्वारा लगातार ज्ञापन सौंपे गये एवं शासन का ध्यानाकर्षण चाहा परंतु विभागाध्यक्ष स्टेनोग्राफर्स की व्याप्त वेतन विसंगतियों की ओर किसी का ध्यान नहीं गया. वेतन विसंगतियों हेतु प्रकरण कैबिनेट में नहीं रखे जाने का कारण अज्ञात रहा, जिससे समस्त शीघ्रलेखक, निज सहायक एवं वरिष्ठ निज सहायक लगातार कुंठा से ग्रसित हैं.

प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को तालिका के रूप में तैयार ज्ञापन एवं लम्बे समय से व्याप्त वेतनविसंगतियों को समाप्त करने हेतु सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेकर प्रकरण कैबिनेट में रखने का पुन: अनुरोध किया.

मुख्यमंत्री द्वारा संघ के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया एवं सर्वत्र ज्ञापन सचिव को सौंपते हुये प्रकरण में उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिये. प्रतिनिधि मंडल में संघ के प्रांताध्यक्ष अमृत बावीसा, मुकेश अहिरवार प्रांतीय सचिव, लक्ष्मण रामनानी उप प्रांताध्यक्ष, दिनेश चतुर्वेदी सहसचिव, विजेन्द्र बरगले प्रचार सचिव मुख्य रूप से उपस्थित रहे एवं शीघ्रलेखकों की लम्बे समय से व्याुप्त वेतन विसंगतियों को त्वरित निराकरण की मांग की है.

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