पढ़ाई में था कमजोर, सुबह साढ़े सात बजे की घटना

भोपाल,

बैरसिया थाना अंतर्गत करारिया गांव में एक चौथी कक्षा के छात्र ने फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली. मासूम ने यह कदम तब उठाया जब उसके घर पर आंगन में परिवार के बच्चे पढ़ाई कर रहे थे.

घटना की जानकारी तब लगी जब मासूम की चाची घर के पीछे बने टपरे में लकडिय़ा लेने के लिए गई. जैसे ही उन्होंने मासूम को फांसी पर लटकते देखा तुरंत आवाज देकर परिजनों को बुलाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी. पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है.

पुलिस से मिली जानकारी अनुसार सूरत सिंह कुशवाह करारिया गांव में सपरिवार रहते हैं. उनके दो बेटे हैं, जिसमें बड़ा बेटा अनिकेत उम्र 9 वर्ष गांव के ही प्राथमिक सरकारी स्कूल में पढ़ता था. पुलिस के मुताबिक गुरूवार सुबह परिवार के सभी बच्चे आंगन में बैठकर धूप में पढ़ाई कर रहे थे, वहां पर अनिकेत भी पढ़ रहा था.

कुछ समय बाद अनिकेत वहां से उठकर चला गया और घर के पीछे कंडे व लकड़ी वाले टपरे में गया और बांस की बल्ली से फांसी लगाकर जान दे दी. उसी समय मासूम की चाची वहां पर कंडे लेने के लिए गई, लेकिन जैसे ही उसने झटपटाने की आवाज सुनी तो उसने अंदर जाकर देखा, जहां मासूम अनिकेत फांसी पर लटका हुआ था.

इसके बाद उन्होंने तुरंत परिजनों को बुलाया और अनिकेत को फंदे से उतारकर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.

माता पिता पढ़ाई की कहते थे तो कर देता था मना

पुलिस को परिजनों ने पूछताछ में बताया है कि अनिकेत पढ़ाई में कमजोर था. इतना ही नहीं वह पढ़ाई से काफी परेशान सा रहता था. जब भी अभिभावक उससे पढ़ाई के लिए कहते थे तो वह मना कर देता था. परिजनों ने बताया कि वह पढ़ाई में कमजोर था.

पुलिस को भी नहीं आ रहा समझ

जिस जगह अनिकेत ने फांसी लगाई है, वह जगह काफी सकरी है. इतना ही नहीं कंडे रखने के लिए बनाई गई झोपड़ी में युवा अंदर भी नहीं जा सकता, क्योंकि वहां पर बिल्कुल भी जगह नहीं है.

पुलिस को सामने आया है कि मासूम ने झोपड़ी में बैठकर बांस की लकड़ी से रस्सी बांधी और फंदे पर लटककर जान दे दी. पुलिस भी घटना सामने आने के बाद काफी अंचभित है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.

अपने तरह का अनूठा मामला

भोपाल जिले में हुए खुदकुशी के मामलों में अनिकेत का मामला पूरी तरह से अलग है. 9 साल का मासूम फांसी का फंदा लगाने की बात कैसे सोच सकता है यह किसी को समझ नहीं आ रहा है. क्या उसे किसी ने फांसी लगाने का तरीका बताया था या फिर उसके साथ कोई हादसा हुआ. परिजनों का कहना है कि वह पढऩा नहीं चाहता था, लेकिन यह वजह पुलिस के गले भी नहीं उतर रही.

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