27mm100नई दिल्ली,27 फरवरी,नससे. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में साल 2015-16 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया है.लोकसभा में पेश इस आर्थिक सर्वे में साल 2015-16 के लिए 8 फीसदी से अधिक विकास दर का अनुमान लगाया गया है. चालू वित्त वर्ष जीडीपी के 8.1 से 8.5 फीसदी जीडीपी का लक्ष्य रखा गया है. विकास दर के दोहरे अंकों में जाने की संभावना जताई गई है. इसके अलावा बड़े स्तर के सुधारों की गुंजाइश का लक्ष्य भी तय किया गया है.

सर्वेक्षण के अनुसार वित्तीय घाटा 4.1 फीसदी तक रहने का अनुमान है. इसमें बताया गया है कि साल 2013 के बाद महंगाई दर में जबरदस्त कमी आई है. वहीं साल 2014 में भी महंगाई दर में कमी विकास दर दोहरे अंकों में जा सकता है. गौरतलब है कि वित्त मंत्रालय हर साल संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करता है. अब पूरे देश की नजरें 28 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर टिकी हैं. आर्थिक सर्वे का मकसद पिछले साल के आर्थिक विकास की योजनाओं की समीक्षा को दर्शाना होता है. इसमें सरकार की नीति और विकास की योजनाओं को दर्शाया जाता है. सर्वे में भविष्य की संभावनाओं की भी झलक होती है. सर्वे में 14वें वित्त आयोग की रिपोर्ट का जिक्र है.

10 बड़ी बातें

– आर्थिक सर्वेक्षण में वित्तीय वर्ष 2015-16 में विकास दर 8.1 फीसदी से लेकर 8.5 फीसदी के बीच रहने का अनुमान.

– वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा प्रस्तुत सर्वेक्षण मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक टीम ने तैयार की है. अर्थव्यवस्था की स्थिति पर सालाना रिपोर्ट कार्ड में कहा गया है कि विकास दर को अब और बढ़ाया जाना चाहिए और दहाई संख्या में विकास दर संभव है.

– साल 2013 के बाद महंगाई दर में भारी कमी दर्ज की गई है. महंगाई के बारे में इसमें कहा गया है कि 2013 के बाद से इसमें छह प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है.

– निर्यात और विदेशी पूंजी के आगम में भी मजबूती आ रही है. औद्योगिक विकास दर में भी तेजी आई है.

– कृषि क्षेत्र के बारे में सर्वेक्षण में कहा गया है, 2014-15 के लिए अनाज उत्पादन 25.707 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के उत्पादन से 85 लाख टन अधिक होगा.

– सब्सिडी के बारे में इसमें कहा गया है कि इससे गरीबों के जीवन-स्तर में किसी विशेष बदलाव आया हो, ऐसा दिखाई नहीं पड़ता.

– वित्तीय स्थिति के बारे में सर्वेक्षण में कहा गया है कि सरकार वित्तीय घाटा कम करने के लिए प्रतिबद्ध है और राजस्व बढ़ाने पर प्रमुखता से ध्यान दिया जाएगा. सरकार ने दावा किया है कि वित्तीय घाटा 4.1 फीसदी रखना मुमकिन है. चालू खाते का घाटा कम किया गया है.

– देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भी बढ़ोतरी हुई है.

– सर्वे में बताया गया है कि देश को लंबी अवधि के निवेश पर और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है.

– खास बात यह रही कि आर्थिक सर्वे में अर्थव्यवस्था की अच्छी तस्वीर पेश होने के तुरंत बाद सेंसेक्स में 245 अंकों की बढ़त देखी गई.

 

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