mp2अशोकनगर, जिले में सूखा की मार से बर्बाद फसलों को लेकर दुखी किसानों के बीच प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसान विरोधी करार देते हुए क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरूवार को जनआक्रोश रैली के दौरान राजनैतिक मंच से हजारों की संख्या में जुटे लोगों को संबोधित करते हुए आपदा की इस घड़ी में सरकार द्वारा किसानों से छलावा एवं भेदभाव की बात कही है.

श्री सिंधिया ने कहा कि प्रदेश के किसान आज संकट में है.सरकार किसानों के लिए कोई राहत नही दे रही है.पिछले तीन वर्षों से प्रदेश के किसान प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हैं. इसके बावजूद भी प्रदेश की सरकार झूठी घोषणाएं कर रही है.जहां किसान खुशहाल न हो वह देश कैसे खुशहाल हो सकता है.आज किसान पूरे देश में बे-हाल है.भाजपा शासित राज्यों में किसानों की सबसे खराब हालत हैं और सबसे अधिक आत्महत्याएं भी किसानों ने इन्हीं राज्यों में की है.प्रदेश में लगातार किसान आत्महत्याएं कर हैं.और मुख्यमंत्री बिहार राज्य में आयोजित चुनावी रैली में प्रदेश का गुणगान कर रहे हैं.वे कह रहे हैं कि प्रदेश में हमने 12 साल में विकास किया है.चौबीस घण्टे बिजली दे रहे हैं.

श्री सिंधिया ने उपस्थितजनों से सवाल करते हुए पूछा कि क्या किसी गांव में बिजली 24 घण्टे मिल रही है? यहां बिजली 4 से 6 घण्टे भी नही मिल रही है.किसानों को बिजली के बिल जरूर मिल रहे हैं. प्रदेश के मुखिया कह रहे हैं कि बिल तो आएंगे. केन्द्र और राज्य की सरकारें किसानों की विपत्ति की घड़ी में ध्यान नही दे रहे हैं वे किसानों की आत्महत्या के बाद उनके घरों पर नही जा रहे हैं.किसान लगातार कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है. यदि कोई किसान पटवारी, तहसीलदार के यहां आता है तो उसे अंदर बुलाकर पटवारी किसान से पूछता है कि दादा आपका कितना नुकसान हुआ है.

किसान के कहने पर पटवारी 80 प्रतिशत नुकसान पेंसिल से लिख लेता है.जब किसान वापस चला जाता है तो पटवारी उसे रबर से मिटाकर लीड से 15 प्रतिशत कर देता है.जब किसान की परेशानी में सरकार उसके आंसु न पौछ सके तो ऐसी सरकार भी किस काम की है.जन आक्रोश रैली के दौरान श्री सिंधिया ने कहा कि भंयकर सूखा झेल रहे अशोकनगर जिले को भी सूखा घोषित किया जाए.

 

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