सोशल मीडिया का हो रहा दुरूपयोग: मुख्यमंत्री

नवभारत न्यूज भोपाल,

सूचना का अधिकार आम लोगों की मदद के लिए लाया गया, लेकिन इसे एक्टिविस्टों ने हथिया लिया है. सोशल मीडिया जनता के लिए अभिव्यक्ति का सबसे बड़ा माध्यम बनकर सामने आया, लेकिन यह भी फेक न्यूज का जरिया बनता जा रहा है.

यह बात विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा ने शुभारंभ अवसर पर कही. राजधानी में आयोजित हो रही आईपीएस मीट में प्रदेशभर से अधिकारी सपरिवार शामिल होने के लिए पहुंचे. अधिकारियों का उत्साह देखते ही बन रहा था. अधिकारी मीट को लेकर काफी प्रशंसा कर रहे थे.

विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया दुधारी तलवार है. सोशल मीडिया समाज में उथल- पुथल मचाने की क्षमता रखती है. अमेरिका के राष्ट्रपति ने फेक न्यूज पर पुरस्कार भी घोषित कर दिया. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक शासन सबसे कठिन व्यवस्था है तो यह सबसे अच्छा भी है.

दो दिन तक चलने वाले कार्यक्रम के पहले दिन सोशल मीडिया के नए आयाम पर अधिकारियों ने बेबाकी से अपनी बात रखी. शाम के समय पुलिस ऑफिसर्स मेस में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें 10 जोन के 5 गु्रपों ने रंगारंग प्रस्तुति दी.

वहीं आज मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में क्रिकेट मैच के साथ फन गेम होंगे. इन खेल प्रतियोगिताओं में पुलिस अधिकारियों के साथ इनके परिवारजन भी शामिल होंगे. कार्यक्रम में पुलिस बल के साथ विशेष सशस्त्र बल एवं अन्य सभी क्षेत्र में स्थित पुलिस इकाइयों को शामिल किया गया है.

इसके साथ ही अधिकारियों के गु्रप डिस्कशन कराया जाएगा. इससे जो रिपोर्ट आएगी उस पर चर्चा की जाएगी कि जनता से पुलिस की दूरियां कैसे कम हो. इस मौके पर आईपीएस एसोसिएशन अध्यक्ष संजय राणा, अतुलचंद्र कुलकर्णी, कई रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी मौजूद थे.

आमजन व पुलिस के बीच की दूरी मिटाना होगी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुझे पुलिस पर गर्व है. पूर्व में अंग्रेजों ने पुलिस के द्वारा लोगों को डराने का प्रयास किया. आज जनता व पुलिस के बीच की खाई को पाटना होगा. उन्होंने कहा कि पुलिस सज्जनों के लिए फूल से ज्यादा कोमल और दुर्जनों के लिए कठोर बने.

मुख्यमंत्री ने भी सोशल मीडिया पर बोलते हुए कहा कि सोशल मीडिया का दुरूपयोग हो रहा है. कई बार पता ही नहीं चलता कि आपने क्या किया, लेकिन सोशल मीडिया पर पता चल जाता है. उन्होंने कहा कि आईपीएस त्यौहार तक नहीं मनाते.

भावुक हो गए पुलिस महानिदेशक

कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक ऋ षि कुमार शुक्ला ने कहा कि चालीस साल में 27 आईपीएस अधिकारियों ने सेवा के दौरान अपनी जानें दी है. वे हेमंत करकरे सहित देश की सीमा पर जान देने वाले अफ सरों को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि लोगों की पुलिस से अपेक्षा ज्यादा होती है, ऐसे में किसी को मदद नहीं मिलती तो यह तय कर लिया जाता है कि पुलिस विरोधी से मिल गई है.

अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए पुलिस के सामने चैलेंज है. कानून के रक्षकों को कई बार अनादर, उपेक्षा झेलनी पड़ती है. पुलिस को समाज से मोरल सपोर्ट की जरूरत है. 12 सालों में पुलिस को काफ ी संसाधन मिले हैं.

परिवार सहित बोट क्लब पर की मस्ती

आईपीएस मीट में आए मध्यप्रदेश के आईपीएस अधिकारियों ने परिवार के साथ बोट क्लब पर मौज मस्ती की. जलक्रीड़ा प्रतिस्पर्धा में बड़ी झील में नौका बिहार कराया गया. प्रतिस्पर्धा में परिवारजनों द्वारा पैडल बोट, स्पीड बोट एवं कू्रज में सैर की गई. करीब एक सैकड़ा आईपीएस अधिकारियों के परिवारों ने इसमें भाग लिया. इस दौरान काफी मस्ती भरा माहौल देखने को मिला.

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