ajay Makanनयी दिल्ली, दिल्ली कांग्रेस ने शीतकालीन सत्र में जनलोकपाल विधेयक पारित कराये जाने की मांग करते हुए १८ नवंबर को विधानसभा पर प्रदर्शन की घोषणा की है, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) का उदय भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए जनलोकपाल का गठन करने के नाम पर हुआ था।

विधानसभा चुनाव में पार्टी ने इसे ही अपना मुख्य मुद्दा बनाया था। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने २०१३ में अपनी ४९ दिन पुरानी सरकार का इस्तीफा यह आरोप लगाते हुए दिया था कि कांग्रेस उसे मजबूत जन लोकपाल लाने में मदद नहीं कर रही है। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी और वरिष्ठ नेता चतर सिंह भी मौजूद थे। श्री माकन ने कहा कि श्री केजरीवाल की अगुवाई में नयी सरकार का गठन हुए नौ माह के करीब समय बीत चुका है और इस दौरान विधानसभा के छह सत्र हो चुके हैं लेकिन लोकपााल विधेयक अभी तक लाया गया है।

दिल्ली विधानसभा के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि मानसून सत्र आहूत नहीं किया गया। समाचार पत्रों के जरिए यह जानकारी मिली है कि दिल्ली सरकार शीतकालीन सत्र में भी विधेयक नहीं लाने जा रही। श्री केजरीवाल भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के वादे करके सत्ता में आये थे लेकिन उन्हें अब यह भय सता रहा है कि यदि मजबूत लोकपाल कानून बन गया तो उनकी सरकार के कार्यकाल में चीनी, प्याज और बिल्डर से रिश्वत जैसे घोटाले बड़ी संख्या में संसदीय सचिवों की नियुक्ति और फर्जी डिग्री मामले में फंसे उनके विधायकों पर शिकंजा कस सकता है।

इसलिए लोकपाल कानून बनाने में जानबूझकर देरी की जा रही है। अब सरकार के मंत्री लोकपाल विधेयक की जानकारी के लिए स्वीडन की यात्रा पर गये हुए हैं। बिहार विधानसभा में महागठबंधन की भारी जीत को धर्मनिरपेक्ष ताकतों की विजय और नफरत फैलाने वालों के लिए करारा सबक बताते हुए श्री माकन ने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली में आप पार्टी से किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेगी।

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