श्रीनगर,  नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने आतंकवादी सरगनाओं को हथियार उठाने की निरर्थकता को महसूस करने का सुझाव देते हुए कहा है कि जम्मू-कश्मीर में पिछले 29 वर्षों के दौरान हिंसा से कुछ भी हासिल नहीं हुआ।

श्री अब्दुल्ला पुलिस महानिरीक्षक मुनीर अहमद खान के उस बयान पर टिप्पणी कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था अातंकवादी सरगनाओं को खत्म करना ही होगा क्योंकि वे राज्य के बच्चों को गुमराह कर रहे हैं और उन्हें लालच देकर हिंसा के रास्ते पर ले जा रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर कहा, “एक समय आतंकवादी सरगनाओं को समझना ही होगा कि सशस्त्र संघर्ष पूरी तरह निरर्थक है। जम्मू-कश्मीर में 29 वर्ष तक चली हिंसा से कुछ भी हासिल नहीं हुआ।”

गाैरतलब है कि सुरक्षा बलों ने इस वर्ष जुलाई में अमरनाथ यात्रियों पर हमला करने वाले आतंकवादी संगठन लश्कर-ए- तैयबा के मुखिया अबू इस्माइल अौर उसके सहयाेगी अबू कासिम को कल मुठभेड़ में मार गिराया। दोनों आतंकवादी पाकिस्तान के निवासी थे। अमरनाथ यात्रियों की बस पर हमले में आठ यात्री मारे गये थे और 20 अन्य घायल हाे गये थे।

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