bpl3भोपाल,  नगरीय निकाय एवं पंचायत निर्वाचन में जरूरत के अनुसार ही मतदान-केन्द्र बनायें. एक मतदान-केन्द्र पर लगभग 50 हजार रुपये व्यय होता है.

राज्य निर्वाचन आयुक्त आर. परशुराम ने यह बात फोटोयुक्त मतदाता-सूची के पुनरीक्षण संबंधी प्रशिक्षण में कही. आज जबलपुर, चंबल एवं उज्जैन संभाग के उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं वेंडर को प्रशिक्षण दिया गया. परशुराम ने कहा कि प्रदेश में पहली बार नगरीय निकाय एवं पंचायत निर्वाचन की मतदाता-सूचियों का पुनरीक्षण किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सभी पात्र मतदाताओं का नाम सूची में जुड़वायें.

परशुराम ने कहा कि ऐसा सोचने की गलती नहीं करें कि हमें सब-कुछ आता है. उन्होंने कहा कि सूची में महिला एवं पुरुष का लिंगानुपात ठीक होना चाहिये. घर-घर जाकर महिलाओं का नाम सूची में जोड़ें. सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्रीमती सुनीता त्रिपाठी ने कहा कि पुनरीक्षण के संबंध में आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कार्यवाही करें. उप सचिव पी.एन. यादव ने मतदाता जागरूकता अभियान की जानकारी दी.

लेखा अधिकारी प्रदीप शुक्ला ने मतदाता-सूची पुनरीक्षण की प्रक्रियाओं के बारे में बताया. अवर सचिव संजय श्रीवास्तव ने आयु विश्लेषण और लिंगानुपात के संबंध में जानकारी दी.

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