modi_returnनयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पेरिस में जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद आज स्वेदश लौट आए।

सम्मेलन में श्री मोदी ने विकसित देशों से आह्वान किया कि वह कार्बन उत्सर्जन में खासी कटौती करते हुए विकासशील देशों की तरफ प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण और वित्तीय मदद का हाथ बढाएं। अपने दो दिवसीय पेरिस प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के साथ मिलकर राष्ट्रों के अंतर्राष्ट्रीय सौर समूह की शुरुआत भी की।

इसमें वे 122 देश शामिल हैै जो कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच स्थित है जिसकी वजह से इन्हें पूरे साल बडी मात्रा में सूरज की रौशनी मिलती है लिहाजा यहां सौर ऊर्जा के उत्पादन की प्रचुर संभावनाएं मौजूद हैं।

सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति बराक आेबामा से भी मुलाकात की और उनसे कहा कि जलवायु परिवर्तन से निबटने के सबंध में भारत अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभाएगा। श्री मोदी ने सम्मेलन के अवसर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से अप्रत्याशित मुलाकात की और कयी अन्य वैश्विक नेताओं से भी मिले।

जलवायु सम्मेलन में दुनिया के करीब 147देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष शिरकत कर रहे हैं। सम्मेलन मे इन्होंने धरती के तापमान में दो डिग्री सेल्सियस से अधिक की वृद्धि नहीं होने देने की सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की। साथ ही यह भी तय किया कि इस दिशा में प्रयास करते हुए कार्बन उत्सर्जन में कटौती के प्रभावी उपाय जारी रखे जाएंगे।

सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने विश्व नेताओं को इस बात की जानकारी भी दी कि किसी तरह भारत नवीकरणीय स्रोतों के जरिए 175 गीगा वाट बिजली उत्पादन अौर ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती के प्रयास कर रहा है।

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