नयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय जल्लीकट्टू से संबंधित सभी याचिकाआें पर 31 जनवरी को एक साथ सुनवायी करेगा।

न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने जल्लीकट्टू से संबंधित सभी अर्जियों को दायर करने की अनुमति देते हुए आज कहा कि इस मामले पर वह मंगलवार को सुनवाई करेगी। न्यायालय ने यह फैसला केन्द्र सरकार की उस याचिका के बाद लिया जिसमें उसने तमिलनाडु में सांडों की लड़ाई के इस वार्षिक खेल को अनुमति देने वाली छह जनवरी 2016 की अपनी अधिसूचना को वापस लेने का अनुरोध किया है।

अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने पीठ के समक्ष कहा कि केन्द्र ने जनवरी 2016 की अधिसूचना वापस लेने की मांग करते हुये एक याचिका दायर की है।

न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि इन सभी याचिकाओं पर सुनवायी करने और फैसला सुरक्षित रखने वाली उपयुक्त पीठ ही इन मामलों पर सुनवायी करेगी। शीर्ष न्यायालय ने इससे पहले कहा था कि वह इस मामले पर 30 जनवरी को सुनवायी करेगा।

जल्लीकट्टू पर रोक से संबधित कई याचिकाएं उच्चतम न्यायालय में दायर की गई हैं। इनमे से एक पशु कल्याण बोर्ड की भी है जिसमें इस खेल की अनुमति देने वाले तमिलनाडु सरकार के हाल में पारित उस संशोधित अधिनियम को यह कहते हुए शीर्ष न्यायालय में चुनौती दी गई है कि यह उच्चतम न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ है जिसमें इस खेल पर प्रतिबंध लगाया गया था। बोर्ड की अधिवक्ता अंजलि शर्मा ने न्यायालय से इस मामले पर जल्दी सुनवाई की अपील कर रखी है।

उच्चतम न्यायालय इसके पहले तमिलनाडु सरकार की उस अपील को 16 नवंबर को ठुकरा चुका है जिसमें उसने खेल पर प्रतिबंध के 2014 के उसके फैसले की पुनर्समीक्षा का अनुरोध किया था।

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