2018 चुनाव का साल है. सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्ष की कांग्रेस पार्टी अपनी-अपनी मोर्चाबंदी में लग गयी है. भारतीय जनता पार्टी एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक किसान यात्रा निकाल रही है.हर विधानसभा क्षेत्र में यात्रा के रथ जायेंगे और समापन के बाद 16 अप्रैल को किसान उत्सव होगा.

विपक्ष की कांग्रेस पार्टी 5 अप्रैल से 21 अप्रैल तक कई ज्वलंत मुद्दों, जिनमें महिला उत्पीडऩ का मुद्दा खास होगा, राज्य भर में न्याय यात्रा निकालेगी. चुनाव में अभी कुछ महीनों का समय है. चुनाव नवम्बर-दिसम्बर में होंगे, लेकिन गर्मी का मौसम तो शुरू हो गया और राज्य भर में लोगों का सबसे जीवंत मुद्दा और जरूरत पानी है.

लगभग सभी जगह कई नदियां, तालाब, कुएं, हैंडपंप, ट्यूबवेल सभी सूखने व जवाब देने लगे. ग्रामीण क्षेत्रों में तो पुरुषों, महिलाओं को बच्चों समेत पानी के लिए कई किलोमीटर दूर तक जाने की प्रतिदिन ‘जल यात्रा’ करनी पड़ रही है.

इसलिए जनहित में यह बहुत ही अच्छा रहेगा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों उनकी यात्रा का एक कॉमन एजेन्डा ‘जल यात्रा’ बना ले और संयुक्त रूप से इनकी जल यात्राएं हर शहर, कस्बे व गांव तक जाएं और यह देखे कि वहां पानी की क्या, कैसी समस्या है और यात्रा के दौरान ही उसकी व्यवस्था व समाधान कर दे. गर्मी निकलने और बरसात आने पर ये लोग अपनी चुनावी किसान व न्याय यात्रा निकाल ले. फिलहाल संयुक्त जल यात्रा सबसे जरूरी है.

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