pranabनयी दिल्ली,  राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भू-जल के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए आज कहा कि जल संरक्षण और इसके उचित उपयोग पर पूरी दुनिया को ध्यान देना होगा तथा यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो।

राष्ट्रपति ने यहां पांच दिन तक चले चौथे ‘भारत जल सप्ताह’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण पारिस्थितिकी में बड़ा बदलाव आया है। इसके असर से सूखा पड़ रहा है और बाढ़ का ज्यादा खतरा बढ़ रहा है। साथ ही पूरी दुनिया का तेजी से औद्योगिकीकरण भी हो रहा है जिसके कारण पानी की खपत की दर बढ़ रही है लेकिन जल संरक्षण नहीं हो रहा है।

श्री मुखर्जी ने कहा कि बदली परिस्थितियों में भारत में जल संरक्षण के लिए जरूरी उपाय करने आवश्यक हो गया है। उनका कहना था कि भारत में दुनिया की 17 प्रतिशत आबादी निवास करती है लेकिन जल उपलब्धता चार प्रतिशत है। जल का तेजी से दोहन किया जा रहा है जिसके कारण भू-जल स्तर में गिरावट आ रही है।

जल के समान वितरण और उपयुक्त उपयोग की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि भूजल का स्तर बढ़ाने के लिए अच्छी तकनीक का इस्तेमाल आवश्यक है। उनका यह भी कहना था कि भू जल का अत्यधिक दोहन नहीं हो इसका भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

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