mp4सिलवानी,   आस्था व श्रद्वा के चलते ग्रामीण धधकते हुए अंगारों के बीच से नंगे पैर निकलते है. ग्रामीणो की आस्था का आलम यह है कि नावालिग बच्चो से लेकर उम्र दराज व्यक्ति तक अंगारों पर नंगे पैर निकलते है.

यह ग्राम है सिलवानी तहसील का महंगवा जो कि ग्राम पंचायत हतोड़ा के तहत आता है.यहां प्रत्येंक वर्ष होलिका दहन के बाद धधकते अंगारों के बीच से ग्राम के बच्चों से लेकर बड़े वुगुर्ज व्यक्ति तक बेधड़क होंकर गुजरते है. अंगारों केे बीच से निकालने पर किसी भी व्सक्ति या बच्चें को ना तो जलन होती है और ना ही पैर जलते है. ग्राम के चौराहे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना के पश्चात ग्रामीध्णों के सहयोग से होलिका दहन किया जाता है.

होलिका दहन को देखने के लिए ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित होते है. ग्राम में करीब होलिका दहन के धधकते हुए अंगारों पर से नंगे पैर निकालने का सिलसिला करीब एक सौ वर्षो स ेचल हैं. क्यों और किस लिए यह जानलेवा आयोजन किया जाता है. इसकी सटीक जानकारी किसी भी ग्रामीण के पास नही है. लेकिन आस्था इतनी है कि पर्व के आने के कई दिन पूर्व से ही तैयारियां ग्रामीणों के द्वारा प्रारंभ कर दी जाती है.