गंदे पानी का मामला विधानसभा में गूंजा

नवभारत न्यूज भोपाल,

लोगों को गंदा पानी मिल रहा है और आप कह रहे हैं बहुत समय हो गया है! आसंदी की ओर मुखातिब होकर यह टिप्पणी है विधायक आरिफ अकील की.

वह भोपाल शहर में शुद्ध पेयजल मुहैया कराए जाने के लिए संचालित व्यवस्था की खिलाफत के बाद अमृत योजना क्रियान्वन में हुई देरी के लिए बनाई गई उच्च स्तरीय जांच समिति में विधायक को शामिल करने की मांग कर रहे थे.

चूंकि नगरीय विकास मंत्री माया सिंह उच्चस्तरीय जांच की घोषणा के बाद मामले में कोई बात नही रखना चाह रही थी. इसलिए अध्यक्ष डॉक्टर सीताशरण शर्मा कार्रवाई आगे बढ़ाना चाह रहे थे. इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए आरिफ अकील ने कहा कि साफ और शुद्ध पानी से वंचित हैं और इसपर उचित कार्यवाही नहीं की जा रही है.

आरिफ अकील ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से यह मामला उठाया था. उनका यह भी दावा था कि अमृत योजना के तहत 210 करोड रुपए की लागत से सीवेेेज कार्य किया जाना आज भी प्रस्तावित है. जबकि 10 करोड रुपए से अधिक राशि से पूर्व में बिछाई गई सीवेज लाइन आज अनुपयोगी हो रही है.इससे इसके जवाब में मंत्री माया सिंह ने कहा कि मामले कि जाचच करा ली जाएगी .

लेकिन समय सीमा और जांच समिति में विधायक को शामिल करने की मांग ने बहस को गर्म कर दीीया. इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव भी अकील की मांग पर सहमति जताते नजर आए.

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