Supreme-Courtनयी दिल्ली,  हरियाणा के जाटों को पिछड़ा वर्ग के तहत दिए गए आरक्षण पर पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक का मामला आज उच्चतम न्यायालय पहुंच गया।

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्‍यक्ष हवा सिंह सांगवान ने उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ता ने उक्‍त याचिका पर जल्‍द सुनवाई की मांग की है, साथ ही उन्होंने उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को निरस्त करने की भी मांग की है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि उच्च न्यायालय ने बिना हरियाणा सरकार का पक्ष सुने ही आदेश दे दिया। ऐसे में जब तक मामले की सुनवाई लंबित है तब तक अंतरिम रोक को हटाया जाना चाहिए।

आरक्षण की मांग को लेकर जाटों द्वारा हरियाणा में प्रदर्शन, तोड़फोड़, आगजनी, धरना एवं बंद की घटना हुई थी। जिसके बाद जाटों को पिछड़ा वर्ग के तहत आरक्षण प्रदान किया गया था।

हरियाणा सरकार के इस निर्णय को एक याचिका के माध्‍यम से पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने उक्‍त याचिका पर सुनवाई करते हुए पिछले दिनों जाट को आरक्षण देने के सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी।

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