आखिरत सुधारने का आव्हान इज्तिमा का आज समापन

भोपाल,

ईंटखेड़ी में चल रहे दुनिया में इस्लाम के तीसरे सबसे बड़े जलसे में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ रही है. रविवार को मरकज से आये मौलाना साद ने सभी को नसीहत दी कि जिन्दगी चंद दिनों की है, इसलिये आखिरत की तैयारी भी होना चाहिये.

मौलाना साहब ने कहा कि जिन्दगी के हर लम्हे का मकसद होता है. अल्लाह ने सभी को किसी न किसी मकसद के लिये पैदा किया है, लेकिन हम मकसद से भटकते जा रहे हैं. खुद भी दीन पर कायम रहो और दूसरों को भी आगाह करो कि वे नबी के बताये रास्ते से न भटकें.

यदि ईमान मुकम्मल होगा तो आखिरत भी सुधर जायेगी. दोपहर में मरकज से आये मौलाना कदर साहब ने फरमाया कि अल्लाह ने जो भी बनाया उसका मकसद है. चाहे वह समुंदर हो या पहाड़. उन्होंने कहा कि मखलूक को पैदा किया तो उसका भी मकसद है.

आज सभी अपने काम में लगे हुये हैं और मकसद को भूल गये. इस बार रिकार्ड संख्या में लोग इज्तिमागाह तक पहुंच रहे हैं. दो पहिया, चार पहिया वाहनों की तो कतारें लगी हैं, लेकिन साइकिल से चलने वाले व पैदल लोग भी दीन की दावत पर यहां पहुंच रहे हैं.

आज दुआ में शामिल होंगे 15 लाख लोग

70वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा का समापन कल सोमवार को दुआ के साथ हो जायेगा. इस मौके पर माना जा रहा है कि जलसे में करीब 15 लाख लोग शामिल होंगे. बताया जा रहा है कि दुआ मौलाना साद या मौलाना शौकत साहब पढ़ायेंगे. इसके लिये पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम किये गये हैं.

Related Posts: