• ग्राम भिलाई के इकाराम समेले जम्मू- कश्मीर में थे पदस्थ
  • आतंकियों से मुठभेड़ में रविवार को हुए शहीद
  • संभवत: आज होगा गृह ग्राम में अंतिम संस्कार

सीहोर/ रेहटी  नवभारत न्यूज,

देश की सेवा करते हुए जिले का एक जांबाज लाल जम्मू- कश्मीर में दहशतगर्दों से मुठभेड़ करते हुए शहीद हो गया. जैसे ही यह जानकारी नसरुल्लागंज क्षेत्र स्थित गृहग्राम भिलाई पहुंची तो परिजनों सहित संपूर्ण ग्रामवासी गमगीन हो गए.

संभवत: अमर शहीद की पार्थिव देह सोमवार को गृहग्राम लाई जाएगी जहां उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा. व्यवस्थाओं को बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी गांव में पहुंच गए हैं. हालांकि अभी तक प्रशासनिक अधिकारियों के पास कोई अधिकृत सूचना नहीं आई है.

जिले के नसरुल्लागंज तहसील के ग्राम भिलाई निवासी ठेबा सुमले के पुत्र इकाराम समले आर्मी मेडीकल कोर के जवान हैं और वर्तमान में जम्मू- कश्मीर में आर्मी मेडिकल कोर 308 फील्ड एंबुलेंस हॉस्पिटल में पदस्थ थे.

बताया जाता है कि रविवार की सुबह उनके परिजनों के पास एक फोन आया, जिसमें इकाराम समले के जम्मू- कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो जाने की बात कही गई थी. कुछ ही देर में यह मामला सोशल साइट पर फैल गया और संपूर्ण जिला शहीद की याद में गमगीन हो गया.

बताया जाता है कि इकाराम समले की शहादत का समाचार प्रशासनिक अधिकारियों को भी सोशल नेटवर्किंग के जरिए पता चला. उन्होंने सेना के आला जवानों से संपर्क किया, लेकिन इकराम समले के बारे में उन्हें कुछ जानकारी हासिल नहीं हुई.

हालांकि प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम एचएस चौधरी एवं प्रभारी तहसीलदार एसआर देशमुख ग्राम भिलाई पहुंचे और परिजनों से चर्चा की. प्रभारी तहसीलदार एसआर देशमुख का कहना है कि हमने कॉल किया था तो उधर से इकाराम के दोस्त बोल रहे थे. इकाराम का आर्मी अस्पताल जम्मू में पोस्टमार्टम चल रहा है.

सोमवार 1 जनवरी को दोपहर तक शहीद इकाराम के पार्थिव शरीर को लेकर दिल्ली पहुंचेंगे और भोपाल होते हुए शाम तक ग्राम भिलाई पहुंचेंगे. बताया जाता है कि इकाराम का विवाह छह माह पूर्व ही हुआ था. परिवार में उसके अलावा दो भाई और तीन बहन हैं.

इकाराम के शहीद होने के बाद से अधिकारियों का दल गांव में बना हुआ है और अंतिम संस्कार की तमाम तैयारियों को अंजाम दिया जा रहा है. बताया जाता है कि सोमवार की शाम को शव आने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा.

लगभग चार साल पूर्व इछावर तहसील निवासी ओमप्रकाश मर्दानिया भी आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान देश पर बलिदान हो चुका है. संभवत: सोमवार को शहीद इकाराम का अंतिम संस्कार भिलाई में किया जाएगा.

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