chidambaramनयी दिल्ली,   कांग्रेस ने आज फिर दोहराया कि देश में वस्तु एवं सेवा (जीएसटी) कर की मानक दर 18 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए और सरकार यह आश्वासन दे कि इस विधेयक को कानूनी रूप देने के लिए लाये जाने वाले केन्द्रीय जीएसटी और अंतरराज्यीय जीएसटी विधेयकों में मानक दर का उल्लेख कर इसे 18 फीसदी ही रखा जायेगा।

राज्यसभा में जीएसटी से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा की शुरूआत करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने कहा कि उनकी पार्टी ने कभी भी जीएसटी के विचार का विरोध नहीं किया। कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य यह है कि यह कर इस तरह से लागू किया जाना चाहिए कि लोगों पर महंगाई की बेतहाशा मार न पडे। उन्होंने कहा कि मुख्य आर्थिक सलाहकार की अध्यक्षता में गठित समिति की रिपोर्ट में राजस्व निरपेक्ष दर (आरएनआर) को 15 से साढे पन्द्रह प्रतिशत और जीएसट की मानक दर 18 फीसदी रखने की सिफारिश की गयी है ।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का भी यही मानना है कि मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए मानक दर 18 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि 70 फीसदी वस्तुएं मानक दर के दायरे में ही रहेंगी और इससे महंगाई की दर अपेक्षाकृत काबू में रहेगी। कांग्रेस सदस्य ने कहा कि यदि जीएसटी की दर 23 या 24 फीसदी निर्धारित की जाती है तो इस कर को लागू करने का उद्देश्य ही विफल हो जायेगा । सेवा कर की दर बढने से बेतहाशा महंगाई तो बढेगी ही लोग करों की चोरी करना भी शुरू कर देंगे और इसका असर राजस्व संग्रहण पर बढेगा।