आम उपभोक्ता और छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत,

211 उत्पादों पर कर की दरें घटीं, रेस्टोरेंट में खाना हुआ सस्ता

गुवाहाटी, गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के निर्धारण में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करते हुए जीएसटी काउंसिल ने च्यूइंग गम से लेकर चॉकलेट, सौंदर्य प्रसाधनों, विग से लेकर हाथ घड़ी तक करीब 211 उत्पादों पर कर की दरें घटा दी हैं. इस फैसले को चुनावी राहत के रूप में देखा जा रहा है.

उम्मीद है कि इससे उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ साथ उद्योग और व्यापार जगत को सुस्ती के दौर में सहूलियत होगी. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी परिषद की बैठक के बाद कहा कि आम इस्तेमाल वाली 178 वस्तुओं पर कर दर को मौजूदा के 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का फैसला किया है.

काउंसिल ने एसी से लेकर नॉन एसी तक सभी प्रकार के रेस्तरांओं पर टैक्स की दर 5 फीसदी करने का फैसला किया है. अभी तक गैर एसी रेस्तरां में खाने के बिल पर 12 फीसदी की दर से जीएसटी लगता था वहीं एसी रेस्तरां पर जीएसटी की दर 18 फीसदी थी. इन सभी को इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) की सुविधा मिलती थी.

5 प्रतिशत से 0
ग्वार मील, हाप कोन, कुछ सूखी सब्जियों, बिना छिले नारियल और मछली पर 5 प्रतिशत से घटाकर 0 प्रतिशत जीएसटी.

28 प्रतिशत से 12
वेंट ग्राइंडर्स, आम्र्ड फाइटर व्हीकल्स

18 प्रतिशत से 5                                                                                                       खाजा मिठाई, अनारसा, पफ्ड राइस चिक्की, आलू का आटा, चटनी पाउडर और फ्लाई सल्फर.

178 सामानों पर 28 से घटकर 18 फीसद

178 सामानों पर 28 प्रतिशत जीएसटी घटाकर अब 18 प्रतिशत कर दिया गया है. इसमें च्यूइंग गम, चॉकलेट, कॉफी, कस्टर्ड पाउडर, मार्बल और ग्रेनाइट, डेंटल हाइजीन उत्पादों, पॉलिश और क्रीम, सैनिटरी वियर, चमडे के कपड़े, आर्टिफिशल फर, विग, कूकर, स्टोव, शेविंग व शेविंग के बाद काम आने वाले सामान, शैंपू, डियोडोरेंट, कपड़े धोने के डिटर्जेंट पाउडर, कटलरी, स्टोरेज वॉटर हीटर, बैटरियां, गॉगल्स, हाथ घड़ी और मैट्रेस अग्निशमन यंत्र, कालीन आदि शामिल.

कंपोजिशन स्कीम डेढ़ करोड़ हुई

कंपोजिशन स्कीम का दायरा 1 करोड़ से बढ़कर 1.5 करोड़ हुआ. कारोबारियों को फॉर्म 3-बी भरने में राहत दी गई है. अब इसे 31 मार्च तक फाइल कर सकते हैं. 1.5 करोड़ से कम टर्नओवर वाले कारोबारियों को 15 फरवरी तक का समय दिया गया है. 1.5 टर्नओवर पर हर महीने रिटर्न फाइल करना होगा.

18 से घटाकर 12
इसी कंडेस्ड मिल्क, रिफाइंड चीनी, पास्ता करी पेस्ट, डायबेटिक फूड, मेडिकल ग्रेड आक्सीजन, प्रिंटिंग इंक, हैंडबैग, टोपी, चश्मे का फ्रेम, बांस-केन फर्नीचर सहित 13 सामान.

12 से घटकर 5
इडली डोसा बैटर, तैयार चमड़े, कायर, मछली पकडऩे का जाल, पुराने कपड़े और सूखे नारियल.

28 प्रतिशत जीएसटी वाले 50 आइटम्स
28 प्रतिशत स्लैब में सिर्फ 50 सामान हैं, इनमें लग्जरी और अहितकर वस्तुएं मसलन पान मसाला, एरेटेड पानी और बेवरेजेज, सिगार और सिगरेट, तंबाकू उत्पाद, सीमेंट, पेंट, इत्र, एसी, डिश वॉशिंग मशीन, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, वैक्यूम क्लीनर, कारों और दोपहिया, विमान और याट शामिल रहेगा.

गुजरात के कारण मजबूर हुई सरकार : चिदम्बरम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने आज कहा कि गुजरात में हो रहे विधानसभा चुनाव के कारण वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) में सुधार के लिए सरकार विपक्ष तथा विशेषज्ञों की सलाह मानने को तैयार हुई है.

जीएसटी राहत पर गुजरात हाई कोर्ट में याचिका
अहमदाबाद. गुजरात हाई कोर्ट में जीएसटी काउंसिल की बैठक के खिलाफ शुक्रवार को याचिका दायर की गई. याचिका में इस बैठक और इसमें हुई घोषणा को गैरकानूनी और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताया गया है.

Related Posts: