सारनी,  स्कूल के खिड़की दरवाजे को छोड़ो बच्चों को भोजन में काम आने वाले चम्मच, थाली, लोटा, गिलास, गैस सिलेंडर, सब्जी बनाने वाले बर्तन इतना ही नहीं विभिन्न सांस्कृतिक समारोहो झांकी, नृत्य, परेड इत्यादि में बच्चों ने जीती ट्राफिया तक चोरो ने स्कूल से गायब कर दी है।

वहीं स्कूल के सुधार कार्य के नाम पर जो कुछ बचा हुआ नन्हे मुन्ने गरीब तबकों के बच्चों के पढऩे वाले शासकीय शाला भवन की 40 से अधिक सीटे, लकड़ी के पिलर इत्यादि सामान पर सुधार कार्य करने वाले ठेकेदार ने हाथ साफ कर दिया।

इसके बाद भी जगह-जगह से शाला भवनों को खोदने के बाद 4 माह से ठेकेदार काम छोड़कर भाग गया। बेहद जीर्ण-शीर्ण शाला भवन में हमारे छोटे-छोटे विद्यार्थी पढऩे को मजबूर हो रहे है।

यह मार्मिक और प्रशासनिक लापरवाही का वाकया बुधवार को शासकीय प्राथमिक स्कूल सुपर एफ में उस समय सामने आया जब नगर के समाजसेवी सपरा पेट्रोल पंप के संचालक अमित सपरा गरीब बच्चों को नोटबुक और पेन वितरण करने स्कूल पहुंचे तब कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारो को प्रधानपाठिका शकुंतला सोनी ने उक्त वाकये से अवगत कराया।

गत दिनों नगरपालिका प्रशासन द्वारा शासकीय शाला भवनों के जीर्णोद्धार एवं कायाकल्प का बीड़ा उठाया गया था। जिसके तहत कई शाला भवनों की दशा सुधारी भी गई लेकिन नगर के सबसे पुराने प्राथमिक शाला भवन में ठेकेदार के सुधार कार्य में लापरवाही बरतने के चलते यह शाला भवन बेहद ही जीर्ण-शीर्ण व्यवस्था में पहुंच गया है और बेहद टूटे फूटे शाला भवन में बच्चे पढऩे को मजबूर है।

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