अनिश्चितताओं के दौर में जीवन बीमा खरीदने का निर्णय रोज़ी-रोटी कमाने वाले की मौत जैसी किसी अप्रत्याशित स्थिति के होने पर अत्यावश्यक वित्तीय सुरक्षा देता है और उससे जुड़े हर जोखिम से आपके परिवार को सुरक्षा करता है. निवेशो को विकसित करने का भी एक अवसर देता है। जीवन बीमा लेना एक बहुत अच्छा विचार है. इससे बीमा सुरक्षा का बेहतर चुनाव करने में मदद मिलती है । बीमा का चुनाव करना उलझन भरा हो तो जरा सोचें।

इसकी आवश्यकता क्यों है- जीवन बीमा की आवश्यकताएँ आपकी व्यक्तिगत परिस्थिति के आधार पर बदलती रहती हैं। यदि आपके परिवार का भरण.पोषण करने हेतु आपका वेतन ज़रूरी हैए तो आपकी मृत्यु हो जाने की स्थिति में इन आर्थिक जिम्मेदारियों को पूरा करना सुनिश्चित करने के लिए जीवन बीमा आवश्यक है। यदि अन्य लोग सहायता के लिए आपकी आय पर निर्भर होते हैंए आपको जीवन बीमा के बारे में अवश्य सोचना चाहिए। यदि तत्काल आपकी ऐसी कोई आवश्यकता नहीं है और आप आशा करते हैं कि आप उन्हें भविष्य में लेंगे तब भीए आपको एक छोटी ष्शुरुआतीष् पॉलिसी खरीदने के बारे में सोचना चाहिए। इसकी वजह यह है किए आप जितने कम आयु के होंगे जीवन बीमा उतना ही कम होगा।व्यवसायियों के लिए यह एक टैक्स बचाने वाले विकल्प का काम करता है।

कितनी आवश्यकता है- मृत्यु के बाद जो राशि आपके परिवार या नामांकित व्यक्ति को मिलेगी उसे डेथ बेनिफिट कहते हैं। जीवन बीमा की यथोचित राशि निर्धारित करने के लिए बहुत सारे उपकरण हैं सबसे आसान रास्ता है अपने मासिक वेतन को लेकर 8 से गुणा कर देना। एक और विस्तृत तरीका है आपकी मृत्यु के पश्चात आपके परिवार द्वारा किए जानेवाले मासिक खर्च का योग निकालना। मृत्यु के समय और बाद में होनेवाले खर्चों को शामिल करना न भूलेँ। इससे आपको एक मोटा.मोटा अनुमान हो जायेगा।

पॉलिसी के प्रकार- जीवन बीमा की आवश्यकताएँ आपकी व्यक्तिगत परिस्थिति के आधार पर बदलती रहती हैं। जीवन बीमा प्राय: अवधि योजनाए पारम्परिक एंडोमेंट योजनाए यूनिट लिंक्ड बीमा योजना ;यूएलआईपीद्ध अथवा सेवानिवृति या पेंशन योजना। अवधि योजना अनिवार्य रूप से पॉलिसी धारक की मृत्यु के जोखिम की सुरक्षा प्रदान करता है। यह जीवन बीमा की अन्य श्रेणियों की तुलना में काफी सस्ता होता है और परिपक्वता के समय पर पॉलिसी धारक के जीवित होने की स्थिति में प्रीमियम लौटा भी सकता है और नहीं भी। पारम्परिक या एंडोमेंट पॉलिसी एक बाजार से सम्बद्ध योजना नहीं होती है जो बचत और सुरक्षा का सम्मिलन है. पॉलिसी धारक की मृत्यु पर या परिपक्वता पर एक निश्चित जमा इक_ी राशि का भुगतान करता है। यूलिप में लम्बी अवधि की बचत और सुरक्षा योजनाएँ हैं लेकिन अपने भुगतान संरचनाओं और निवेश के इक्विटी.ऋण अनुपात के मामले में भिन्न होती हैँ। रिटायरमेंट योजनाएँ या तो पारम्परिक या यूलिप पर आधारित होती हैं और संचय चरण की परिपक्वता पर अनिवार्य वार्षिकी योजना वाली होती हैँ।

पॉलिसी की कीमत-अन्य प्रकार के जीवन बीमाओं की कीमत बहुत बहुत भिन्न.भिन्न होती है. यह इसपर निर्भर करती है कि आप कितना खरीदते हैंए किस प्रकार की पॉलिसी चुनते हैंए हामीदार के तौर.तरीकेए प्रीमियम के भुगतान की अवधि और यदि हो तोए राइडर की कीमत क्या हैं। अधिक जोखिम वाले व्यक्तिए जैसे कि वे जो धूम्रपान करते हैंए जो अत्यधिक मोटे हैंए या जिनका कोई खतरनाक पेशा या शौक हो ;उदहारण के लिएए उड़ान भरनाद्ध ज्यादा भुगतान करते

हैं। ऐसे राइडर का चुनाव करने का सुझाव दिया जाता है जो आपके जीवन का मूल्य बढ़ायें।
कई प्रकार के जीवन बीमा हैं और कई कंपनियों है जो ये पॉलिसियाँ प्रस्तुत कर रही हैंए और सलाह यह दी जाती है कि आप वही पॉलिसी चुनें जो आपकी आवश्यकताओं के बिल्कुल अनुरूप हो। कोई भी जीवन बीमा पॉलिसी चुनने से पहले अपनी ज़रूरतों को समझ लेना ही इसका आधार हैए क्योंकि हरेक जीवन चक्र में हमारे लक्ष्य बदलते रहते हैं और आयु बढऩे के बाद जीवन बीमा पॉलिसी का चुनाव करना अधिक कठिन हो जाता है। -पंकज राज़दान,
मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बिरला सन लाइफ इनश्योरेन्स