नयी दिल्ली,

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए आज यहां देश का पहला सेंटिमेट सूचकांक क्रिसिडेक्स लाॅच किया जिसे क्रिसिल और सिडबी ने संयुक्त रूप से विकसित किया है।

क्रिसिडेक्स आठ पैरामीटरों पर आधारित सूचकांक है और इससे कारोबारी धारणा को मांपा जायेगा।सबसे नाकरात्मक श्रेणी की शुरूआत शून्य से होगी और सर्वाधिक सकारात्मक स्तर 200 अंक होगा।

नवंबर दिसंबर महीने में 1100 एमएसई पर किये गये सर्वेक्षण के आधार पर यह सूचकांक जारी किया जायेगा। इसमें दो तरह के सूचकांक होंगे जिनमें से एक सर्वेक्षण तिमाही और एक अगली तिमाही होगा।ये दोनों सूचकांक कई चक्र के सर्वेक्षण के बाद जारी किये जायेंगे।

इस मौके पर श्री जेटली ने एमएसएमई क्षेत्र को अर्थव्यवस्था के लिए अति महत्वपूर्ण बताते हुये कहा कि मोदी सरकार द्वारा पिछले दो वर्षाें में उठाये गये कदमों से एमएसएमई क्षेत्र का औपचारिक अर्थव्यवस्था में एकीकरण मजबूत हुआ है।

रोजगार सृजन में एमएसएमई क्षेत्र के महत्व का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है। यह रोजगार उपलब्ध कराने वाले बड़े क्षेत्रों में से एक है।

यही एक ऐसा क्षेत्र है जहां लोग अपने उद्यमशिलता के कौशल का प्रदर्शन ही नहीं करते हैं और बड़े वैल्यू चेन का हिस्सा ही नहीं बनते हैं बल्कि इस दौरान वे बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित करते हैं। यही कारण है कि विनिर्माण और ट्रेडिंग के लिए इस क्षेत्र में व्यापक स्तर पर रोजगार सृजित होते हैं।

इस अवसर पर आर्थिक मामलों के सचिव एस सी गर्ग, वित्तीय सेवाओं के सचिव राजीव कुमार, एमएसएमई सचिव अरुण कुमार पांडा, सिडबी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मोहम्मद मुस्तफा और क्रिसिल की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशु सुयाष भी मौजूद थे।

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