वॉक ए कॉस

भोपाल,

भोपाल पुलिस प्रशासन व्दारा महिला सशक्ति करण और उनकी सुरक्षा जैसे विषयों के प्रति समाज में जागरूकता के लिए वॉक ए कॉस मार्निंग वॉक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें शहर के विधालयों के विधार्थियों, गैर राजनीति सगठनों, व्यापारियोंं, युवाओं, व भोपालवासियों ने हजारों की सख्ंया में बड़ चढ़ कर भाग लिया. व एक सुर में महिला सशक्तिकरण व सुरक्षा के लिए संकल्प लिया. लोगों ने एक जोश व उत्साह के साथ हिस्सा लिया.

कार्यक्रम की शुरूआत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरी झड़ी दिखाकर की. कार्यक्रम में महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि मैनें पुलिस को साफ निर्देश दे रखे है कि किसी भी अपराध करने वाले को बख्शा नही जाए.

गुंडों -बदमाशों के सरेआम जूलूस निकाले जाए, महिलाओं-बेटियों से पिटाई करवाए जाए. गुंडों के मकान धराशाही किए जाए जिससे उनकी सीधी कमर टूुटेगी. साथ ही पुलिस को सर्वाधिकार की बाते कहते हुए कहा, कि कोई भी अगर बेटी पर बुरी नजर डाले तो उसे मारो टोको, और अगर कोई कुछ बोलता है तो कह देना मुख्यमंत्री शिवराज का आदेश है.

शिवराज ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार ने शिक्षा केे क्षेत्र में 50 प्रतिशत और अन्य नौकरियों में बेटियों को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया. उन्होने कहा कि महिला का सम्मान देश का सम्मान है, बेटियों की सुरक्षा के लिए सरकार हर सम्भव कोशिश करेगी.

वॉक को तीन ग्रुप में किया गया, जिसमें पहले में 3 किमी वॉक भोज सेतु से करबला तक, दूसरे में 5 किमी सेतु से खानू गांव, तीसरे में 7 किमी खानू गांव से आगे तक लोगों ने वॉक किया. हर ग्रुप में भाग लेने वाले प्रतिभागी को  प्रथम, दितीय, तृतीय पुरस्कार दिया गया.

इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री  बाबूलाल गौर, महापौर आलोक शर्मा, सांसद आलोक संजर, बृजेश लूणावत, पुलिस महानिदेशक आर.के. शुक्ला, संभागायुक्त अजातशत्रु, अपर पुलिस महानिदेशक अरूणा मोहन राव सहित शहर के लोग भी भारी सख्या में मौजूद थे.

नारी का अपमान विकृत मानसिकता वाले लोग करते हैं. हम सब मिलकर बदलाव लाने का प्रयास करेगे.और बदलाव आयेगा. जिस तरह नाडी शरीर में रक्त का प्रवाह करती है, उसी तरह नारी समाज में संस्कृति का प्रवाह करती है.                -आलोक संजर, सांसद

यह सामूहिक कार्यक्रम से समाज में नये उत्साह का प्रवाह होगा. नारी का सम्मान हमारी सस्कृंति में आदि काल से होता आ रहा है, और होता रहेगा.               -बाबूलाल गौर,पूर्व मुख्यमंत्री

नारियों को सम्मान मिलना चाहिए, क्योंकि जिस देश में नारी का सम्मान नहीं होता है, वह उन्नति नहीं कर सकता.             -हसीना, किन्नर 

हमको महिला सशक्तिकरण के लिए यहां आना एक नई ऊर्जा का संचार जैसा हैै, मुझे गर्व है कि मैं ऐसे कार्यक्रम में शामिल हुई.                -अनुष्का सहाय, छात्रा

नारी की सुरक्षा व सम्मान के लिए यहां आया हूँ, और यहां आकर बहुत अच्छा लगा कि इतने अधिक लोग शामिल हुए.               -सौरभ व्दिवेदी, छात्र

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