एक हजार से अधिक लोगों से ठग चुके है डेढ़ करोड़

भोपाल, नवभारत संवाददाता. साइबर पुलिस ने तीन ऐसे शातिर ठगों को झारखंड से गिरफ्तार किया है, जो स्वयं को बैंक अधिकारी बनकर खाता बंद होने व आधार कार्ड लिंक कराने के नाम पर ठगी करते थे.

साइबर पुलिस को यह भी सामने आया है कि अभी तक आरोपी एक हजार से अधिक लोगों के साथ डेढ़ करोड़ से अधिक राशि की ठगी कर चुके हैं. पकड़ाए आरोपी बेहद शातिर हैं. साइबर पुलिस इनसे पूछताछ करने में जुटी है.

साइबर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार भागीरथ प्रसाद मालवीय निवासी सीहोर ने शिकायती आवेदन देते हुए बताया कि भारतीय स्टेट बैंक से उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया हुआ है, लेकिन फरियादी द्वारा एटीएम का उपयोग नहीं किया जाता है.

कुछ समय पहले एक कॉल आया था जिसने फोन पर बैंक अधिकारी बनकर आधार कार्ड को लिंक कराने के नाम पर जानकारी प्राप्त कर ली थी. कुछ समय बाद फरियादी के खाते से 55 हजार निकल गए.

शिकायत मिलने पर साइबर पुलिस ने विवेचना की तो सामने आया कि फरियादी के खाते से पैसे ई-वॉलेट कंपनियों के माध्यम से ऑनलाइन यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया शाखा मधुपुर जिला देवधर झारखंड में जमा कर क्योस्क बैंकिंग के माध्यम से निकाले गए थे.

जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने वहां पर दबिश दी. इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ के लिए बुलाया.

देश के कई राज्यों में की है वारदात

पुलिस ने जांच के बाद सुचित दास उम्र 24 वर्ष निवासी लेडवा पोस्ट थाना मधुपुर जिला देवधर झारखंड, नितिश कुमार दास उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम लेडवा पोस्ट जिला देवघर झारखंड व सुनील दास उम्र 24 वर्ष निवासी डकडका जिला देवघर को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने इनके पास से 28 हजार रुपए, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन व सिम कार्ड आदि जप्त किए. आरोपियों ने बताया कि वे देश के कई राज्यों की टेलीफोन कंपनियों के मोबाइल नंबरों की सिरीज पता कर आगे के नंबर बदल बदल कर लोगों को फोन लगाते थे.

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