भोपाल,  सीएम हाउस में आयोजित सम्मान समारोह में कक्षा 12वीं के टॉपर संयम जैन ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास था कि मेरे बहुत अच्छे अंक आएंगे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह, दीपक जोशी, माशिमं के अध्यक्ष एसआर मोहंती सहित बच्चों के अभिभावक उपस्थित थे, जिन्होंने टॉपर का स्वागत तालियों व पुष्पाहारों से किया.

इस बार रिजल्ट में गिरावट आई है. 12वीं का रिजल्ट 67.87 व 10वीं का रिजल्ट 49.86 प्रतिशत रहा. मुख्यमंत्री ने अनुत्तीर्ण छात्रों से कहा कि निराश नहीं हों, उनको भी उत्तीर्ण होने का अवसर मिलेगा. माध्यमिक शिक्षा मंडल ने आज सुबह 10वीं और 12वीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए.

मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में परिणाम घोषित किया गया. टॉपर्स छात्रों की लिस्ट में जहां छोटे शहरों का दबदबा है वहीं छात्राओं ने एक बार फि र बाजी मारी. इस दौरान 176 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जो बच्चे 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाये हैं और इनका प्रवेश राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों में होता है तो उनकी फ ीस सरकार भरेगी चाहे वे किसी भी वर्ग के हों. मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को कभी निराश नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि वे विद्यार्थियों के सामने मध्यप्रदेश को नंबर वन बनना देखना चाहते हैं. जो विद्यार्थी 85 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाये हैं उन्हें लेपटॉप दिया जाएगा. मेधावी बच्चों के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा, इसके लिये अलग से सम्मान कार्यक्रम होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे गांवों, शहरों के बच्चों ने कमाल कर दिया. बेटियां सबसे आगे हैं. हाई स्कूल की परीक्षा में 40 प्रतिशत बच्चे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं. शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ी है. बारहवीं में 27 प्रतिशत बच्चों को प्रथम श्रेणी मिली है. मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को मार्कशीट लेने, डुप्लीकेट मार्कशीट बनवाने, पूरक परीक्षा के फ ार्म भरने, पुनर्गणना करने जैसी सुविधाओं के लिये एप का शुभारंभ किया.

शहडोल जिला सबसे आगे

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शहडोल जिला सबसे आगे रहा है. रतलाम और उज्जैन का परिणाम 98 प्रतिशत रहा है. नकल माफि या पर पूरी तरह नियंत्रण किया गया. पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं निर्विघ्न हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षण सत्र 2017-18 से दसवीं में एनसीसी पाठयक्रम अनिवार्य रूप से लागू किया जायेगा. शैक्षणिक सत्र 2018-19 से ग्यारहवीं और 2019-20 से 12 वीं में लागू किया जाएगा.

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