bus1नयी दिल्ली,  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का 45 प्रतिशत कर टीडीएस (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) के जरिये आता है।

दिल्ली की मुख्य आयकर आयुक्त (टीडीएस) नूतन शर्मा ने आज यहाँ उद्योग संगठन एसोचैम के एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभाग कर दी दर कम करने और रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग पहल कर टीडीएस जमा करायें।

टीडीएस पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में सुश्री शर्मा ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में दिल्ली का 80 प्रतिशत कर संग्रह टीडीएस के जरिये हुआ है। हालाँकि, रिफंड के बाद इन आँकड़ों में बाद में संशोधन की गुंजाइश होगी और यह घटकर 40 से 45 प्रतिशत के बीच रह जाने की उम्मीद है।

उन्होंने करदाताओं से टीडीएस काट कर विभाग के पास समय पर और पूरा पैसा जमा नहीं कराने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाये जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जो नियमों का पालन कर रहे हैं और जो नहीं कर रहे हैं, उन्हें एक ही तराजू पर नहीं तौला जा सकता। विभाग नियमों का पालन करने वालों के लिए काफी मृदु रवैया अपनाता है तो वहीं, इसका उल्लंघन करने वालों के साथ पूरी सख्ती बरती जाती है।

सम्मेलन में मौजूद कारोबारियों से सुश्री शर्मा ने अपील की कि वे अंतिम तिथि से तीन-चार दिन पहले ही अपना चालान जमा करा दिया करें जिससे यह समय रहते विभाग के खाते में चला जाये। उन्होंने कहा कि अब एक लाख या उससे ज्यादा के टीडीएस के लिए चालान जमा कराने में एक दिन की भी देरी होने पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाती है।

उन्होंने बताया कि विभाग धीरे-धीरे डिजिटलीकरण की ओर बढ़ रहा है जिससे रिटर्न भरना या रिफंड का दावा करना सरल हो और प्रक्रियाओं में कम समय लगे।