pic1इंदौर,  अगर भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत की पटरी पर लौटना है तो उषा राजे होल्कर स्टेडियम में टीम इंडिया को कम बैक करना यही धोनी के सामने चुनौती होगी। इतिहास है कि इस मैदान पर भारतीय टीम ने तीनों मुकाबले जीते हैं। यहां 2011 के बाद पहला वन-डे खेला जा रहा है। भारतीय टीम के लिए घरेलू सीरीज अब तक अच्छी नहीं रही है। उसे कानपुर में खेले गए पहले वन-डे में पांच रन से शिकस्त झेलना पड़ी।

इसके अलावा मेजबान टीम को अपने प्रमुख स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को भी खोना पड़ा। अश्विन ही एकमात्र ऐसे भारतीय गेंदबाज थे जिन्होंने दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को खूब परेशान किया था। हालांकि पहले वन-डे के दौरान उन्हें शरीर की दाहिनी आंत में दर्द महसूस हुआ और वो कम से कम छह महीने के लिए मैदान से दूर हो गए हैं। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर दबाव है। धोनी जिस तरह अपने गेंदबाजों का इस्तेमाल कर रहे हैं प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। टीम को सीरीज में 1-1 से बराबरी करना है तो फिर धोनी को आक्रामक और उत्तेजक कप्तानी करना होगी। विरोधी टीम अच्छे फॉर्म में है। उसके बल्लेबाज शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और गेंदबाज भी अच्छी लय हासिल कर चुके हैं।

इन पर रहेगी निगाहें- स्टुअर्ट बिन्नी से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। अश्विन के चोटिल होने के कारण उन्हें ज्यादा गेंदबाजी करनी पड़ गई । उन्होंने निराश किया। वह गेंद से महंगे रहे और बल्ले से भी फीके ही रहे।

 

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