mishraभोपाल,  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित तौर पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति इरानी की पहल पर एक बच्चे के केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश के मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने आज पलटवार करते हुए कहा कि ‘टीवी सीरियल में काम करने वाली देश की मंत्री’ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही हैं।

श्री मिश्रा ने आज यहां संवाददाताओं से कहा कि हैदराबाद के दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले और अमेठी में श्री गांधी के हाथों मात खाने के बाद श्रीमती इरानी हाशिए पर चली गई हैं और इसलिए कांग्रेस उपाध्यक्ष श्री गांधी को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही हैं। कांग्रेस अपने वैधानिक परामर्शकारों से बात कर रही है, वहां से अनुमति मिलने पर श्रीमती इरानी पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा। इसके पहले कई खबरों में कहा गया था कि वर्ष 2013 में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के भोपाल प्रवास के दौरान एक अखबार बेचने वाले बच्चा कौशल शाक्य अखबार बेचने उनकी गाडी के पास आ गया था।

श्री गांधी ने उसे अखबार बेचते देख प्रदेश कांग्रेस को उसकी पढाई की व्यवस्था करने को कहा था। खबरों के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस ने उसकी पढाई की व्यवस्था करने की पहल की, साथ ही कांग्रेस के एक नेता के कॉलेज में उसके पिता को भृत्य की नौकरी भी दिलाई, लेकिन कुछ दिन बाद कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर हाथ खींच लेने के कारण उसका स्कूल छूट गया। खबरों के मुताबिक हाल ही में इस बात की जानकारी मिलने के बाद श्रीमती इरानी ने राजधानी के एक केंद्रीय विद्यालय में बच्चे के प्रवेश के बाबत् पत्र लिखा है।

इसी मुद्दे पर आज श्री मिश्रा ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने बच्चे के पिता दुलीचंद शाक्य से संपर्क कर उसकी पढाई सुनिश्चित की और उसके पिता को कांग्रेस नेता सय्यद साजिद अली के कॉलेज में भृत्य की नौकरी दी। श्री मिश्रा ने लिखित दस्तावेजों के हवाले से दावा किया कि श्री शाक्य ने यह कहते हुए नौकरी करने से इंकार कर दिया कि वे मिस्त्री का काम कर पर्याप्त आय अर्जित कर लेते हैं और इसलिए उनके स्थान पर उनके बडे बेटे जुगल शाक्य को कॉलेज में काम दे दिया जाए।

श्री मिश्रा ने दावा किया कि जुगल अब भी उस कॉलेज में कार्यरत है और कांग्रेस ने जो राशि कौशल को देना निर्धारित किया था, वह जुगल को दी जाने वाली पगार में ही जोड कर दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि श्री शाक्य ने कांग्रेस से यह भी कहा कि बच्चे को जिस स्कूल में भर्ती कराया गया है, वह काफी दूर है, जिससे उनका बच्चा वहां जाने में अक्षम है, इसलिए उन्हें पैसे दे दिए जाएं, अपने बच्चे की पढाई की व्यवस्था वे स्वयं कर लेंगे।

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम ने साबित कर दिया है कि ‘टीवी सीरियल में काम करने वाली मानव संसाधन विकास मंत्री’ श्रीमती इरानी दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही हैं और इसके लिए उन्हें सार्वजनिक तौर पर दलित समाज से माफी मांगनी चाहिए।

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