dixit1नयी दिल्ली,  कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने वाटर टैंक घोटाले में उन पर लगाए गए आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। इस कथित घोटाले की जांच के लिए आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से उपराज्यपाल नजीब जंग को भेजे गए पत्र को उनके द्वारा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को प्रेषित किए जाने के एक दिन बाद आज श्रीमती दीक्षित ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जिसे घोटाला बताया जा रहा है उसमें कोई सच्चाई नहीं है।

उनके शासन काल में 2012 में जल बोर्ड के वाटर टैकरों काे किराए पर लेने की समूची प्रक्रिया का सही तरह से पालन किया गया था ।उसमें कोई अनियमितता नहीं हुई थी। सारे आरोप झूठे और राजनीति से प्रेरित हैं। श्रीमती दीक्षित ने कहा कि इन टैंकरों को लोगों के फायदे के लिए किराए पर लिया गया था। अाज तक इन टैंकरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें घोटाले का सवाल कहां से पैदा हो गया। उन्होंने कहा कि टैंकरों को किराए पर लेने का का फैसला जलबोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया था जिसमें भारतीय जनता पार्टी और दिल्ली नगर निगम के सदस्य भी शामिल थे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कथित घोटाले की रिपोर्ट भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को भेजे जाने के सवाल पर कहा कि इस बारे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और श्री नजीब जंग ही बता सकते हैं। टैंकर घोटाले पर दिल्ली सरकार की ओर से भेजी गई रिपोर्ट को श्री जंग ने कल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को प्रेषित कर दिया था।

श्री केजरीवाल ने टैंकर घोटाले के सिलसिले में श्रीमती दीक्षित के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। उनकी सरकार ने गत वर्ष जून में टैंकर घोटाले की जांच के लिए एक तथ्यान्वेषी टीम का गठन किया था। यह मामला कांग्रेस सरकार के शासन काल में 2012 में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा स्टील के 385 वाटर टैंकर किराए पर लिए जाने से जुड़ा है।