konkanaटोरंटो,  बाॅलीवुड अदाकारा कोेंकणा सेन की बतौर निर्देशक पहली फिल्म ‘ए डेथ इन ए गूंज’ का प्रदर्शन यहां चल रहे टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म उत्सव में हुआ है।

सत्तर के दशक में झारखंड के पर्यटक स्थल मैकलुस्कीगंज की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म को विशेष प्रस्तुति खंड में दिखाया गया।
फिल्म की कहानी सच्ची घटना पर आधारित उनके पिता मुकुल शर्मा की किताब ‘ए डेथ इन ए गूंज’ से प्रेरित है ।

यह फिल्म उत्सव आठ सितम्बर से शुरु हुआ है जो 18 सितम्बर तक चलेगा ।
कोेंकणा ने कहा “मैकलुस्कीगंज कमाल की जगह है मेरे माता-पिता हमेशा वहां जाते रहते थे, बचपन में कई बार मैंने वहां अपनी छुट्टियां बितायी हैं।
फिल्म की कहानी 70 के दशक की है जब नक्सलियों पर बिहार और बंगाल सरकार ने कार्रवाई शुरु की थी ।

प्रख्यात कला निर्देशक कैमरुन बैली ने फिल्म की तुलना रूसी रंगमंच लेखक एस्टन चेकोव से करते हुये कहा “कोंकणा की फिल्म उस जगह और अास-पास के इलाकों की खूबसूरती दिखाने के अलावा नाटकीय तरीके से दुखद निष्कर्ष तक पहुंचती है ।

” मिस्टर और मिसेज अय्यर में अभिनय के लिये राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी कोंकणा की नयी फिल्म मेें ओम पुरी, तनुजा, कल्कि कोचलीन, गुलशन देवैया, विक्रांत मेसी, तिलोत्तमा शोम और रणवीर शौरी मुख्य भूमिकाओं में हैं।
पिछले साल भी इस फिल्म उत्सव में कोंकणा से जुड़ी फिल्म ‘तलवार’ को प्रदर्शित किया गया था।

ग्यारह दिनों तक चलने वाले फिल्मोत्सव में भारतीय-अमेरिकी फिल्मकार मीरा नायर की फिल्म ‘क्वीन ऑफ कैट्वे’ भी दिखायी जाएगी जिसमें ऑस्कर विजेता अभिनेत्री लुपिता न्योंगो और डेविड ओयलोवो मुख्य किरदारों में हैं।

दीपा मेहता की फिल्म ‘एनाटोमी ऑफ वायलेंस’ काे भी प्रदर्शित किया गया जोकि 2012 में दिल्ली में हई ‘निर्भया कांड’ पर आधारित है ।