सोल/वाशिंगटन,

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा बयानों से लगता है कि उनका उत्तर कोरिया के प्रति रवैया पहले की अपेक्षा नरम हुआ है।

श्री ट्रम्प ने उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच संभावित वार्ता को ‘एक अच्छी बात’ बताते हुए उसका स्वागत किया है।साथ ही उन्होंने कहा कि प्योंगचांग में अगले माह से हाेने वाले शीतकालीन ओलंपिक के दौरान दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास नहीं होगा।

सोल से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि श्री ट्रम्प ने फोन पर राष्ट्रपति मनू जाइ इन से ओलंपिक के दोरान सैन्य अभ्यास रोकने की बात कही।उन्होंने दोनों कोरियाई देशों (उत्तर और दक्षिण कोरिया) के बीच होने वाली बातचीत के अच्छे परिणाम सामने आने की उम्मीद जतायी।उन्होंने कहा कि शीतकालीन ओलंपिक के लिए वह अपने परिवार के सदस्यों समेत एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजेंगें।

इससे पहले वाशिंगटन से प्राप्त रिपोर्ट में श्री ट्रंप ने कल ट्विटर पर दोनों कोरियाई देशों के बीच बातचीत के बारे में लिखा, “यह अच्छी बात है।” उन्होंने वार्ता के लिए दोनों देशों के राजी होने का श्रेय भी खुद को दिया।

उन्होंने लिखा, “क्या अब कोई भी व्यक्ति इस बात पर भरोसा करता कि उत्तर और दक्षिण कोरिया आपस में वार्ता अथवा संवाद के लिए तैयार होते अगर मैंने अपनी पूरी ताकत उत्तर कोरिया के खिलाफ इस्तेमाल करने की दृढ इच्छा नहीं जतायी होती?”

गौरतलब है कि उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग उन के शीतकालीन ओलंपिक में हिस्सा लेने की संभावना जताने के बाद दक्षिण कोरिया ने गत मंगलवार को प्योंगयांग के साथ नौ जनवरी को शीर्ष स्तर की बातचीत का प्रस्ताव रखा।किम ने नये साल पर अपने वार्षिक भाषण में बातचीत और दक्षिण कोरिया में होने वाले शीतकालीन खेलों में हिस्सा लेने में रुचि जतायी थी।

श्री ट्रम्प और किम जोंग उन का जुबानी जंग उस तीखे मुकाम तक पहुंच गया था जहां लोगों को युद्ध की संभावना तक दिखायी देने लगी थी।अमेरिका और दक्षिण कोरिया का कोरियाई प्रायद्वीप में चल रहा संयुक्त सैन्य अभ्यास भी उत्तर काेरिया पर दबाव बनाने का ही एक प्रमुख हिस्सा माना जाता है।

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