उन्नाव,

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक झोलाछाप डाक्टर की लापरवाही से कम से कम 33 लोग जानलेवा बीमारी एड्स की चपेट में आ गये हैं।बांगरमऊ कस्बे में अपने को डाक्टर बताने वाला एक झोलाछाप साइकिल से आता था। मरीजों का उपचार करता था और चला जाता था। उसकी लापरवाही से 33 लोगों में जानलेवा बीमारी एड्स की पुष्टि हो गयी है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 सुशील चौधरी ने बताया कि राजेन्द्र यादव नाम का तथाकथित डाक्टर एक ही सिरिंज से सभी मरीजों को सुई लगाता था। इसी वजह से क्षेत्र में कई लोगों को एड्स होने की सूचना मिली।

डा0 चौधरी ने बताया कि बांगरमऊ कस्बे और उसके आसपास के गांव के 566 लाेगों की जांच करायी गयी, जिसमें 38 में लोगों में संभावित रूप से एचआईवी पाजिटिव पाये गये। दोबारा जांच कराये जाने पर 33लोगों में इसकी पुष्टि हो गयी। इन मरीजों को लखनऊ के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय रेफर कर दिया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस सिलसिले में बांगरमऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डा0 प्रमोद दोहरे ने राजेन्द्र यादव के खिलाफ 31 जनवरी को रिपाेर्ट दर्ज करा दी है। पुलिस जांच कर रही है।

इसके अलावा अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी और उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी की दो सदस्यीय टीम भी जांच कर रही है। डा0 राजेन्द्र यादव ने आसपास के इलाकों में जिसका भी इलाज किया था, उन्हें खोजकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। राजेन्द्र फरार बताया जा रहा है।

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