jitender-singh-tomarअयोध्या. जितेन्द्र सिंह तोमर को आम आदमी पार्टी अयोध्या की साकेत विवि के जिस कथित शपथ पत्र का हवाला देकर बचाने की कोशिश कर रही थी, वह कभी जारी ही नहीं किया गया. जब दिल्ली पुलिस अयोध्या की साकेत यूनिवर्सिटी पहुंची तो पता चला कि यूनिवर्सिटी ने कभी तोमर को क्लीन चिट देने वाला कोई शपथ पत्र जारी नहीं किया गया.

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी इसी फर्जी शपथ पत्र की दुहाई देते हुए तोमर को बचाने में जुटे थे और इसी फर्जी आरटीआई के जबाब और शपथ पत्र के जरिये कोर्ट से भी राहत पाने की कोशिश की जा रही थी.

तोमर को डॉ राम मनोहर अवध विवि के बाद कामता प्रसाद सुन्दरलाल साकेत स्नातकोत्तर महा. ने भी अपना छात्र मानने से आज इन्कार कर दिया। प्राचार्य एचएन दुबे ने बताया कि श्री तोमर का नाम वर्ष 1986-87 और 1987-88 की प्रवेश पंजिका में दर्ज नहीं पाया गया।

 

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