smriti1नई दिल्ली 24 जून. दिल्ली की एक अदालत ने शैक्षणिक योग्यता के बारे में कथित तौर पर गलत सूचना देने को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्री के खिलाफ दायर शिकायत का संज्ञान लिया है.

अदालत ने स्मृति ईरानी के खिलाफ शिकायत के मामले में समन जारी करने से पहले साक्ष्य दर्ज करने के लिए 28 अगस्त की तारीख मुकर्रर की है.
स्मृति ईरानी के खिलाफ शैक्षिक योग्यता के मामले को पटियाला हाउस कोर्ट ने जैसे ही सुनवाई के लायक माना, कांग्रेस ने फौरन मानव संसाधन विकासमंत्री पद से उनके इस्तीफे की मांग की.

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता शकील अहमद का कहना है कि अगर ईरानी खुद इस्तीफा नहीं देती हैं तो ये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जिम्मेदारी है कि वे उन्हें तुरंत पद से हटाएं.

ईरानी पर चुनाव आयोग में दाखिल हलफनामों में दो अलग-अलग शैक्षिक योग्यता देने का मामला है. आरोप है कि ये फर्जी हैं. कांग्रेस पहले भी इस मामले को उठाती रही है, लेकिन कोर्ट में सुनवाई मंज़ूर हो जाने के बाद कांग्रेस को और ताक़त मिल गई है.

कांग्रेस का कहना है कि जिस तरह केजरीवाल सरकार में क़ानून मंत्री रहे जितेन्द्र तोमर पर फज़ऱ्ी डिग्री के मामले में क़ानूनी कार्रवाई चल रही है वैसे ही ईरानी के खि़लाफ़ भी चलनी चाहिए.

संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई ये शुरू हो रहा है. स्मृति डिग्री मामले की अगली सुनवाई कोर्ट ने 28 अगस्त को तय की है. ज़ाहिर है कांग्रेस संसद में ही इस मामले पर हंगामा करेगी.

गौरतलब है कि इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आकाश जैन ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने एक जून को केंद्रीय मंत्री ईरानी के खिलाफ दाखिल शिकायत पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था. ईरानी के खिलाफ अदालत में यह शिकायत स्वतंत्र लेखक अहमर खान ने दाखिल की है.